Ramzan 2019: जानें क्या होता है एतकाफ, इस्लाम में का क्या है इसका महत्व

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रमजान में की जाने वाली इबादतों में से एक एतकाफ भी है. रमजान मुबारक महीने के तीसरे अशरे यानि आखिर के 10 दिनों में कुछ मुसलमान एतकाफ में बैठते हैं. एतकाफ के लिए मुसलमान पुरुष रमजान के आखिर के 10 दिनों तक मस्जिद के किसी कोने में बैठकर इबादत करते हैं और खुद को परिवार व दुनिया से खुद को अलग कर लेते हैं.

वहीं, महिलाएं घर के किसी कमरे में पर्दा लगाकर एतकाफ में बैठती हैं. एतकाफ के दौरान लोग 10 दिनों तक एक ही जगह पर खाते-पीते, उठते-बैठते और सोते जागते हैं और नमाज-कुरान पढ़कर अल्लाह की इबादत करते हैं. हालांकि, बाथरूम या वाशरूम जाने की उन्हें इजाजत होती है.

एतकाफ का महत्व-

यूं तो रमजान का पूरा महीना ही पवित्र और अहम होता है, लेकिन इस महीने के आखिर के 10 दिन सबसे अहम और रहमत वाले होते हैं. इस्लाम धर्म के लोगों का मानना है रमजान के आखिर में एतकाफ में बैठने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है. हदीस में बताया गया है कि रमजान में पैगंबर मोहम्मद भी एतकाफ में बैठा करते थे. इस्लामिक मान्यता के मुताबिक, एतकाफ में बैठकर इबादत करने वाले लोगों को अल्लाह सभी गुनाहों (पापों) से मुक्त कर देता है.

एतकाफ के दौरान इन चीजों का ध्यान रखें-

– एतकाफ में बैठने वाले पुरुष या महिला को अपना ज्यादातर वक्त इबादत में गुजारना चाहिए.

– पुरुष केवल मस्जिद में रहकर ही एतकाफ कर सकते हैं,  जबकि महिलाएं घर के किसी कोने में पर्दा लगाकर एतकाफ करती हैं.

– एतकाफ में बैठने वाले लोगों को साफ-सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए.

– एतकाफ के दौरान किसी की बुराई करने, लड़ाई-झगड़ा करने से बचना चाहिए.

-मौजूदा वक्त में मोबाइल सबकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है, ऐसे में एतकाफ में बैठने वाले शख्स को मोबाइल से भी खुद को दूर रखना चाहिए और पूरा वक्त इबादत में गुजारना चाहिए.

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