नई दिल्ली: दो दिन के गुजरात दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन किए। मंदिर दर्शन के बाद मोदी ने ओखा से बेट द्वारका के बीच बने एक पुल का शिलान्यास किया। 3.92 किलोमीटर लंबे इस पुल को 962 करोड़ की लागत से बनाया गया है। वहीं अब द्वारका में जनसभा को मोदी संबोधित करते हुए कहा कि एक ऐसी व्यवस्था जो देशभर से आने वाले यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी सौगात हो। विकास का सपना सबका, मैं सिर्फ रंग भर रहा हूं। ऐसी व्यवस्था जो बेट के नागरिकों के लिए सामान्य जरूरतें पूरी करने वाली हो। जो बेट से जुड़े समुद्री तट के क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में बदल दे। पर्यटन एक कोने में विकास होने से नहीं होता, उसको कनेक्टिविटी चाहिए। द्वारकाधीश की कृपा कई लोग आते हैं,लेकिन वे तभी रुकेंगे जब हम व्यवस्थाएं खड़ी करेंगे। मोदी ने कहा कि जीएसटी में जो बदलाव हुए उससे देश में अभी से दिवाली जैसा माहौल है।
गुजरात में विधानसभा के इस चुनावी साल में मोदी का यह कुल मिला कर सातवां दौरा है जबकि प्रधानमंत्री बनने के बाद कुल मिला कर उनकी 17 वीं यात्रा है। हालांकि मई 2014 में यह पद संभालने के बाद वह पहली बार अपने गांव जायेंगे। मोदी, जिन्होंने पिछले माह भी दो बार गुजरात का दौरा किया था, इस बार भी ताबडतोड विभिन्न योजनाओं का भूमिपूजन, लोर्कापण अथवा उद्घाटन भी करेंगे। इसमें उनके पैतृक गांव वडनगर में एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के उद्घाटन का काम भी शामिल होगा।
इसके अलावा प्रमुख रूप से वह 2500 करोड की लागत वाली राजकोट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना तथा ओखा-बेट द्वारका पुल का भूमिपूजन और नर्मदा पर बने एक बराज और अमूल से जुडी एक डेयरी के संयंत्र का उद्घाटन भी करेंगे। जामनगर हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर के जरिए द्वारका रवाना हो गए जहां जगत मंदिर में भगवान द्वारकाधीश की पूजा कर अपने दौरे की शुरूआत करेंगे । समुद्र के बीच स्थित बेट द्वारका को ओखा से जोडने वाले 3.92 किमी लंबे और 962 किमी की लागत वाले केबल पुल शिलान्यास करेंगे। प्रमुख तीर्थ नगरी द्वारका आने वाले असंख्य तीर्थयात्री अब तक बेट द्वारका जाने के लिए एकमात्र साधन के तौर पर समुद्र में नौका का इस्तेमाल करते हैं।





























































