जो 370 के हिमायती, चुनाव में जनता मारेगी जूते-सत्यपाल मलिक

0

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि पिछले 24 दिनों में जम्मू-कश्मीर में एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई है, ये हमारे लिए एक उपलब्धि है. श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि हमारा मुख्य फोकस जम्मू-कश्मीर की कानून व्यवस्था है, और इसमें हम सफल रहे हैं. राज्यपाल ने कहा, “हमारे लिए हरेक कश्मीरी की जान कीमती है, हम एक भी जान की हानि नहीं चाहते हैं, किसी भी नागरिक की जान नहीं गई है, कुछ लोग जो हिंसक होना चाह रहे थे वे घायल हुए है, और उन्हें भी कमर के नीचे चोट लगी है.” साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार जल्द बड़ा ऐलान करेगी. मलिक ने यह भी कहा कि चुनाव में जनता ऐसे नेताओं को जूते मारेगी जो अनुच्छेद 370 के हिमायती हैं.

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल हम कम कर रहे थे और आतंकवादी और पाकिस्तानी इसका प्रयोग ज्यादा कर रहे थे. राज्यपाल ने कहा कि इंटरनेट जम्मू कश्मीर में लोगों को गोलबंद करने और लोगों की भावनाएं भड़काने का साधन बन गया था. उन्होंने कहा कि ये एक ऐसा हथियार बन गया था जिसका हमारे खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा था. इसलिए हमने इसे रोक दिया था. राज्यपाल ने भरोसा दिया कि इंटरनेट सेवाएं धीरे-धीरे बहाल कर दी जाएगी. राज्यपाल मलिक ने कहा कि हम कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में मोबाइल फोन सेवा चालू करने जा रहे हैं, जल्द ही दूसरे जिलों में भी मोबाइल फोन कनेक्टिविटी चालू कर दी जाएगी.

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने बुधवार को राज्य के युवाओं के लिए सौगात की घोषणा करते हुए कहा कि वे आज जम्मू-कश्मीर प्रशासन में 50 हजार नौकरियों की घोषणा कर रहे हैं. राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं से अपील की कि वे इन नौकरियों की तैयारी में जी जान और पूरे जोश से जुड़ जाएं. राज्यपाल ने कहा कि आने वाले 2 से तीन महीनों में ये नियुक्तियां पूरी कर दी जाएगी.

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से बच्चा करार दिया. राज्यपाल ने कहा कि राहुल परिपक्व नेता की तरह व्यवहार नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ऐसा करना चाहिए था. राज्यपाल ने कहा कि वे जम्मू-कश्मीर के अभिभावकों को बच्चों को स्कूल बेचने के लिए दबाव नहीं डाल सकते हैं, और न ही दुकानदारों को दुकान खोलने के लिए मजबूर कर सकते हैं. राज्यपाल ने कहा कि वे इतना ही कहना चाहते हैं कि वे ऐसे लोगों के लिए अनुच्छेद-370 वापस नहीं ला सकते हैं.

Previous articleजम्मू-कश्मीर को सुपर सौगात, 3 महीने में 50 हजार पदों पर होंगी भर्तियां
Next articleCamScanner ऐप को प्ले स्टोर से हटाया गया