नोवेल कोरोना वायरस से बचाव के लिए सावधानी जरूरी

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नोवल कोरोना वायरस से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानियां बरतना जरूरी है। आपकी सावधानी से न केवल आप बल्कि और अन्य लोग भी इससे बचेंगे। कोरोना वायरस के सामान्य लक्षण बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ है। प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए प्रभावी उपाय किए जा रहे हैं।

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया, सीएमएचओ डॉ एके अवधिया तथा सिविल सर्जन डॉ प्रमोद पाठक ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि नोवल कोरोना वायरस से बचाव के लिए सावधानी रखना जरूरी है। नोवेल कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी है कि नियमित रूप से दिन में कई बार हाथों को साबुन एवं साफ पानी से धोएं। बिना हाथ धोए अपनी आंख, मुंह एवं नाक को न छुएं तथा छींकते और खांसते समय नाक और मुंह को ढंकें। उन्होंने बताया कि स्वस्थ्य व्यक्ति को मॉस्क पहनने की आवश्यकता नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को सर्दी-जुकाम या खॉसी हैं तो उसे तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। नोवेल कोरोना वायरस से बचाव के लिए एन 95 मॉस्क पहनने की बात कही जा रही है। आम नागरिकों को एन 95 मॉस्क पहनने की आवश्यकता नहीं है। यह मॉस्क चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों के उपयोग के लिए है जो कि बीमार व्यक्तियों के सम्पर्क में रहते हैं। यदि कोई व्यक्ति नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित है तो उसके आसपास के व्यक्तियों को घबराने की नहीं, सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। नोवेल कोरोना वायरस के अधिक तापमान में नहीं होने की खबर सही नहीं है। कई देश जहां तापमान अधिक है वहां भी नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण के मरीज मिले हैं।

कोरोना वायरस के लक्षण
नोवेल कोरोना वायरस के लक्षणों में बुखार आना, सिरदर्द, नाक बहना, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, गले में खराश तथा सीने में जकड़न शामिल हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्ग व्यक्तियों सहित ऐसे व्यक्तियों जिनमें प्रतिरक्षण की क्षमता कम होती है, में यह वायरस निमोनिया, ब्रोंकाइटिस आदि गंभीर बीमारियाँ उत्पन्न करता है।

नोवेल कोरोना वायरस से बचाव
नोवेल कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी है कि संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में नहीं आएं तथा नियमित रूप से दिन में कई बार हाथों को साबुन एवं साफ पानी से धोएं। बिना हाथ धोए अपनी आंख, मुंह एवं नाक को न छुएं तथा छींकते और खांसते समय नाक और मुंह को ढंकें। इसी प्रकार संक्रामक सामग्रियों के संपर्क में आने के बाद आंख या नाक छूने से बचें। हाथ मिलाने के बजाए नमस्ते करें। खुले एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। खांसी जुकाम या बुखार से पीड़ित व्यक्ति से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें। खांसी, जुकाम, बुखार या सांस लेने में तकलीफ की दशा में तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।

वायरस कैसे फैलता है
नोवेल कोरोना वायरस संक्रामक व्यक्ति के खुली जगह में छींकने व खांसने से, संक्रामक व्यक्ति से हाथ मिलाने, गले लगने से फैलता है। संक्रामक जगह के संपर्क में आने के बाद बिना हाथ धोए अपनी आंख, मुंह एवं नाक को छूने से भी नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण फैल सकता है।