ढाका | भारत और बांग्लादेश ने आतंकवाद की साझी चुनौती पर चर्चा की और इस बुराई से मिलकर लड़ने का निश्चय किया। साथ ही भारत ने विकास में बांग्लादेश का भरोसेमंद सहयोगी होने की प्रतिबद्धता भी दोहरायी। चौथे संयुक्त सलाहकार आयोग के तहत बांग्लादेशी पक्ष के साथ वार्ता के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा, सभी स्तरों पर हिंसक चरमपंथ और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में (इसे) बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति और समग्र पहल अपनाकर घृणा, हिंसा और आतंक की विचारधारा से अपने-अपने समाजों की रक्षा के लिए हम दोनों कटिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा, ‘हमने उन साझी चुनौतियों पर चर्चा की जो आज हमारे समक्ष मौजूद हैं। एक ऐसी चुनौती आतंकवाद, चरमपंथ और कट्टरपंथ की है। हम समान विचार वाले देशों के साथ मिलकर इस बुराई के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।’ दो दिन की यात्रा पर यहां पहुंचीं सुषमा स्वराज ने कहा, ‘भारत बांग्लादेश का स्थायी एवं भरोसेमंद विकास साझेदार रहा है। उन्होंने कहा, ‘अबतक भारत ने कुल आठ अरब डॉलर की तीन ऋण सहायता बांग्लादेश को उपलब्ध कराई है। यह अबतक की सबसे बडी विकास सहायता है जो भारत ने दुनियाभर में किसी भी देश को उपलब्ध कराई है।’































































