उज्जैन- (ईपत्रकार.कॉम) |मोबाइल एप से गिरदावरी के बाद अब एंड्राइड फोन एप से फसल कटाई प्रयोग किये जायेंगे। इससे जहां एक ओर डाटा कलेक्शन में शुद्धता आयेगी, वहीं किसानों का वास्तविक रकबा एवं उनकी हुई नुकसानी का सही आंकलन किया जा सकेगा। मोबाइल एप से फसल कटाई प्रयोग के लिये आज शुक्रवार को विक्रम कीर्ति मन्दिर में जिले के पटवारियों, तहसीलदारों, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में एप का उपयोग करते हुए किस तरह से बेहतर काम किया जा सकता है, इसके बारे में प्रजेंटेशन दिया गया। कार्यशाला में कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे, अपर कलेक्टर श्री बसन्त कुर्रे, संयुक्त कलेक्टर श्री केके रावत, संयुक्त संचालक कृषि श्री पाण्डेय एवं उप संचालक कृषि श्री सीएल केवड़ा मौजूद थे।
कार्यशाला में नायब तहसीलदार श्री आलोक चौरे ने फसल बीमा योजना पोर्टल से ‘एग्री एप’ डाउनलोड करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस एप को इस तरह से डिझाईन किया गया है, जिससे कि कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भी डाटा कलेक्शन किया जा सके। यह एप ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों ही स्थितियों में कार्य करता है। कार्यशाला में एप का उपयोग करने के तरीके की जानकारी भी दी गई एवं मौजूद पटवारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के प्रश्नों के उत्तर दिये गये। कार्यशाला में बताया गया कि फसल कटाई के प्रयोग अब तक मेन्युअल पद्धति से किये जा रहे थे, अब यह कार्य मोबाइल आधारित एप से किया जायेगा। इसके कारण किसानों को फसल कटाई का डाटा तुरन्त उपलब्ध हो जायेगा और किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सकेगी। इसके पूर्व कार्यशाला का शुभारम्भ कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे एवं अन्य अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
वरिष्ठ राजस्व अधिकारी 20-20 फसल कटाई के प्रयोग करें
कार्यशाला में सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने कहा कि फसल कटाई के प्रयोग अब एप के माध्यम से होंगे। सभी नायब तहसीलदार, तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र में 20-20 फसल कटाई के प्रयोग स्वयं करेंगे। जिन ग्रामों में फसल की बर्बादी की सूचना है, वहां पर विशेष ध्यान देते हुए ये प्रयोग किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि आनावारी उत्पादित फसल का आईना होती है, इसलिये फसल कटाई प्रयोग पर विशेष सावधानी रखना आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि आगामी समय में प्रत्येक टप्पा मुख्यालय पर किसान सम्मेलन आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि फसल बीमा के लिये ऋणी किसानों की संख्या बढ़ाना है। वर्तमान में जिले में एक लाख 62 हजार ऋणी किसान हैं, इसका लक्ष्य दो लाख 25 हजार होना चाहिये।
कम पानी की फसलों का रकबा 200 प्रतिशत बढ़ायें
कलेक्टर ने सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों एवं पटवारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने हलकों में बारिश के मद्देनजर कम पानी की फसलें, जिनमें चना, मसूर, अलसी व सरसो शामिल हैं, का रकबा 200 प्रतिशत बढ़ायें।
15 हजार नामांतरण और ढाई हजार बंटवारे
कार्यशाला में कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि विगत 15 अगस्त से अब तक जिले में 15 हजार नामांतरण एवं ढाई हजार बंटवारे किये गये हैं, जो कि अपने आप में एक रिकार्ड है। कलेक्टर ने उक्त सभी नामांतरण एवं बंटवारे आयुक्त भू-अभिलेख के रिकार्ड में दर्ज करने को कहा है। कलेक्टर ने सभी पटवारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर समाचार-पत्र में विज्ञप्ति छपवायें कि उनके हलके में कितने नामांतरण हो चुके हैं तथा कितने बकाया हैं।
कलेक्टर ने निर्देश दिये हैं कि सभी तहसीलों में गिरदावरी एवं फसल कटाई प्रयोग के लिये मास्टर ट्रेनर्स नियुक्त किये जायें, जिससे तहसील स्तर की समस्याएं तहसील में ही सुलझ जायें। कलेक्टर ने कहा कि खाचरौद तहसील में मोबाइल गिरदावरी में अच्छा काम हुआ है। कलेक्टर ने सभी पटवारियों को फसल कटाई में ऐसे क्षेत्र चिन्हित कर दावे प्राप्त करने के निर्देश दिये हैं, जहां पर फसल को नुकसान पहुंचा है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुरस्कृत हुए
कार्यशाला में कलेक्टर ने मोबाइल गिरदावरी के कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों, तहसीलदारों को प्रशंसा-पत्र प्रदान किये। प्रत्येक तहसील से प्रतीकात्मक रूप से अधिकारियों को बुलाकर मंच से सम्मानित किया गया। जिन पटवारियों को प्रमाण-पत्र दिये गये उनमें सुश्री रेणु परमार, दीपिका परमार, गिरीश सूर्यवंशी, राजेन्द्र जौहर, मायाराम राठौर, सुनील गंगवाल, भरत रघुवंशी, जितेन्द्र पालीवाल, सुजाता राठौर, धर्मेन्द्र पंवार, सुनील जायसवाल, सुदीप मीणा, संजय वाघमारे, राजाराम करजरे, विवेक सोनकर, रमेश सिसौदिया, प्रतापसिंह राठौर एवं दीपक बोहरा शामिल हैं। कार्यक्रम का संचालन उप संचालक कृषि श्री सीएल केवड़ा ने किया।

































































