कलेक्टर ने किया किसानों से सीधा संवाद, जानीं समस्याएं

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जबलपुर – ईपत्रकार.कॉम |कलेक्टर महेशचन्द्र चौधरी ने आज यहां कृषि विज्ञान केन्द्र में किसानों से रूबरू होकर उनके साथ सीधा संवाद स्थापित किया। करीब तीन घण्टे मौजूद रहकर उन्होंने किसानों को पेश आ रही दिक्कतों की जानकारी ली। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि किसानों की समस्याओं के निराकरण की दिशा में शीघ्र सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

बैठक में श्री चौधरी ने रबी फसल की तैयारियों के सिलसिले में खाद, बीज की व्यवस्था और सिंचाई के इंतजामों के बारे में किसानों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिले में हुई कम वर्षा के मद्देनजर तदनुरूप फसल-चक्र अपनाया जाना चाहिए। श्री चौधरी ने कहा कि यदि कृषि वैज्ञानिक, बिजली कम्पनी तथा एनव्हीडीए के अधिकारी समन्वय से काम करें तो अल्पवर्षा से उपजी विषम स्थिति से सफलतापूर्वक निपटा जा सकता है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों को निर्देश दिए कि वे अल्पवर्षा की स्थिति में उगाई जाने वाली फसलों के बारे में किसानों को उचित सलाह मुहैया कराएं। कलेक्टर ने किसानों को सलाह दी कि वे रबी फसलों का बीमा जरूरी तौर पर कराए। कलेक्टर ने कहा कि नहरों की तोड़-फोड़ से परहेज किया जाए ताकि न केवल डैम से पानी मिल सके बल्कि वह टेल एण्ड तक भी पहुंच सके।

फसल बीमा योजना के सम्बन्ध में ग्रामीणों के प्रश्नों के समाधान के लिए कलेक्टर के निर्देश पर उप संचालक कृषि एस.के. निगम ने फसल बीमा की प्रक्रिया और प्रावधानों पर प्रकाश डाला। किसान प्रतिनिधियों ने खराब हुई फसलों के लिए बीमा राशि के भुगतान की दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाने की मांग की। खरीफ फसल कटाई प्रयोग न होने सम्बन्धी शिकायत के सिलसिले में कलेक्टर ने उप संचालक से कैफियत तलब की। उन्होंने अल्पवर्षा से प्रभावित हुई फसल सम्बन्धी दावों का निपटारा करने के निर्देश देते हुए उपस्थित किसानों को सम्बन्धित परिपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। किसानों ने कीटग्रस्त फसल का नमूना भी दिखाया। इस पर कलेक्टर ने कृषि वैज्ञानिकों को निर्देशित किया कि वे कल दोपहर तक सम्बन्धित क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और जरूरी कार्यवाही सुनिश्चित करें।

बैठक में किसानों ने पर्याप्त बिजली की आपूर्ति न हो पाने की तरफ भी कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट किया। किसानों की मुश्किलों के मद्देनजर कलेक्टर ने बिजली कम्पनी के एसई श्री सोनवाने को निर्देश दिए कि वे किसानों को शासन के निर्देशानुसार बिजली की आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि खराब ट्रांसफार्मर शीघ्रतिशीघ्र बदले जाएं। कलेक्टर ने आगाह किया कि इस सिलसिले में लापरवाही बरतने वाले मैदानी अमले पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। किसानों ने अवगत कराया कि लमकना क्षेत्र में मुआवजा दिए बिना लाइन खड़ी कर दी गई है। श्री चौधरी ने मौके से ही एनटीपीसी अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुआवजा दिए जाने तक काम रोक दिया जाए और लाइन आगे न बढ़ाई जाए।

भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत के सिलसिले में कलेक्टर ने उप पंजीयक सहकारिता के नेतृत्व में कमेटी गठित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह कमेटी भुगतान सम्बन्धी पड़ताल करेगी और अपनी कार्यवाही एक सप्ताह के भीतर पूरी करेगी। श्री चौधरी ने किसानों को मण्डियों में होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाने के लिए पहल करने का भी आश्वासन दिया।

किसानों द्वारा बैठक के दौरान बिजली और पानी की आपूर्ति की बेहतर व्यवस्थाओं पर निरन्तर जोर दिए जाने के मद्देनजर कलेक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया कि इन व्यवस्थाओं में सुधार ही बैठक का अहम् मकसद है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे व्यवस्थाओं में प्रभावी सुधार के लिए फौरन कदम उठाएं ताकि कम से कम रबी की फसल में किसी नुकसान की स्थिति न बने। कलेक्टर ने कहा कि अधीनस्थ अमले को सक्रिय किया जाए और लापरवाही के मामलों में कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों में बिजली कम्पनी के मुख्य अभियन्ता और अधीक्षण यंत्री द्वारा संभागीय, सहायक तथा कनिष्ठ अभियन्ताओं की जवाबदेही तय की जाए। श्री चौधरी ने कहा कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ लोक सेवाओं की गारंटी के प्रावधानों के मुताबिक वेतन से कटौती की कार्यवाही की जाए।

श्री चौधरी ने एनव्हीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नहरों से तालाबों को भरने की पहल करें और उनसे खेतों में पानी पहुंचाया जाए। बोरी बंधान और नाला बंधान बनाए जाएं तथा अधूरी नहरों को पूरा करने के लिए भी कदम उठाए जाएं। कलेक्टर ने जल उपभोक्ता संथाओं को सक्रिय बनाने की दिशा में भी पहल की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि नहरों की साफ-सफाई हो और नहर समितियों को सशक्त बनाया जाए। विभिन्न कार्यों के लिए टेण्डर नहीं हो पाने के सिलसिले में कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि वे इस बारे में उच्च स्तर पर पहल करेंगे ताकि लम्बित कार्य पूरे कराए जा सकें।

बैठक में भावान्तर योजना को लेकर किसानों द्वारा व्यक्त संशयों और जिज्ञासाओं का भी कलेक्टर ने समाधान किया। उन्होंने योजना के प्रत्येक पहलू पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्री चौधरी ने किसानों को अवगत कराया कि जिले में श्रृंखलाबद्ध रूप से दस स्थानों पर चौपाल आयोजित की जाएगी। इन चौपालों में कृषि, बिजली, जल संसाधन, एनव्हीडीए तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के मैदानी अधिकारी मौजूद रहेंगे। कलेक्टर ने कहा कि चौपालों में क्षेत्र विशेष के किसानों की समस्याओं की जानकारी हासिल कर उनके निराकरण के लिए अपेक्षित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में एनव्हीडीए के कार्यपालन यंत्री एम.के.ढिमोले, बी.के. कोरी, राजेश सिंघल, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिनकर शर्मा तथा बिजली कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि मौजूद थे।

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