किसानों को कम पानी में पकने वाली फसलों की जानकारी दें -कृषि उत्पादन आयुक्त

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शहडोल- (ईपत्रकार.कॉम) |अपर मुख्य सचिव सह कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी.मीना ने कहा है कि कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के अधिकारी किसानो क आय में निरंतर वृद्धि करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा है कि कृषि के साथ-साथ आधुनिक उद्यानिकी फसलें, पशु पालन एवं मत्स्य पालन करने के लिये किसानों को प्रेरित और प्रोत्साहित करें। किसानों को आधुनिक कृषि, मत्स्य पालन, पशु पालन की जानकारी दें तथा उन्हें शासन द्वारा मुहैया कराई जा रही योजनाओं से संलग्न कर किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करायें। उन्होने कहा कि कम वर्षा के बावजूद शहडोल और रीवा संभाग के किसानो की आय में निरंतर वृद्धि होनी चाहिए, इसके लिये कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, पशु पालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी किसानों से जीवंत सम्पर्क स्थापित करें साथ ही किसान संगोष्ठियों एवं खेत पाठशालाओं के माध्यम से किसानों तक आधुनिक कृषि, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, पशु पालन की जानकारी किसानों तक पहुंचायें। उन्होने कहा है कि कृषि वैज्ञानिक और कृषि विभाग के मैदानी, अधिकारी-कर्मचारी खेती की आधुनिक तकनीक को किसानों के खेतों तक पहुंचाये। अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी.मीना आज कलेक्टर कार्यालय शहडोल में रीवा एवं शहडोल संभाग की खरीफ एवं रवी सीजन की तैयारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि रीवा और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में कम वर्षा हुई है, कम वर्षा को दृष्टिगत रखते हुये किसानों को रवी सीजन में कम पानी में पकने वाली फसलें लगाने के लिये प्रेरित एवं प्रोत्साहित करें। किसानों को कम पानी में पकने वाली समुचित फसलों के समुचित बीज एवं खाद भी मुहैया करायें। उन्होने निर्देश दिये हैं कि किसी भी स्थिति में किसानों की आय प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

बैठक में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुये कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिये कि भावांतर योजना का ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर प्रचार प्रसार करायें तथा इस योजना में ज्यादा-ज्यादा किसानों का पंजीयन करायें। उन्होने निर्देश दिये कि इस योजना में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं अन्य विभागो के अधिकारी-कर्मचारी अह्म भूमिका निभायें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि भावांतर योजना में पंजीयन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2017 है, अतः सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि वे भावांतर योजना में पंजीयन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रगति की समीक्षा करते हुये कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि इस योजना में ज्यादा से ज्यादा अऋणि कृषकों को जोड़ें, उनका पंजीयन करायें तथा उन्हें इस योजना से लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। बैठक में मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित कस्टम प्रोसेसिंग एवं सर्विसिंग सेंटर योजना के संबंध में जानकारी देते हुये कृषि उत्पादन आयुक्त ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत किसानों के पुत्रों को मध्यप्रदेश शासन कस्टम प्रोसेसिंग यूनिट सर्विसिंग सेंटर स्थापित करने के लिये 25 लाख रूपये की सहायता उपलब्ध करायेगी, उन्होने कहा कि सभी कलेक्टर इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि रीवा और शहडोल संभाग में उद्यानिकी एवं पशु पालन की विपुल संभावनाएं हैं, उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे दोनो संभागों में उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा दें साथ ही उन्नत पशु पालन हेतु किसानों को प्रेरित और प्रोत्साहित करें। बैठक में संचालक कृषि ने बताया कि रीवा संभाग में उद्यानिकी फसलों को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है, विशेषकर रीवा जिले में सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में किसानों ने उल्लेखनीय प्रगति की है। बैठक में संचालक कृषि ने बताया कि शहडोल जिले के अनूपपुर जिले में स्वीट कार्न और स्ट्राबेरी की फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके अपेक्षित परिणाम मिले हैं।

समीक्षा के दौरान कमिश्नर शहडोल संभाग श्री बी.एम.शर्मा ने कहा कि शहडोल संभाग में लगभग 4 लाख 21 हजार किसान हैं, जिनमें से सिर्फ 18 हजार किसानों को ही सहकारिता विभाग द्वारा शून्य प्रतिशत ब्याजदर पर ऋण मुहैया कराया जा रहा है। उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित यह एक अभिनव योजना है, इस योजना का और अधिक प्रचार-प्रसार कर इस योजना का लाभ किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि यह चिंता का विषय है कि इस अभिनव योजना का लाभ हम किसानों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जिस पर कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिये कि सहकारिता विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस अभिनव योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। बैठक में कमिश्नर रीवा श्री एस.के.पाल ने कहा कि पिछले खरीफ सीजन में रीवा संभाग में बाढ़ की स्थिति के बावजूद बहुत अच्छी पैदावार हुई थी। इस खरीफ सीजन में सतना सहित अन्य जिलों में कम वर्षा होने के कारण खरीफ की फसलें प्रभावित हुई है, उन्होने कहा कि रीवा संभाग में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं कृषि वैज्ञानिक किसानों से जीवंत सम्पर्क स्थापित कर रहे हैं और किसानों को कम पानी में पकने वाली फसलें लेने के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित कर रहे हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड योजना, स्वाईल हेल्थ कार्ड योजना की भी समीक्षा की गई।

बैठक में प्रमुख सचिव मत्स्य उद्योग श्री विनोद कुमार, संचालक मत्स्य उद्योग श्री ओ.पी.सक्सेना, संचालक किसान कल्याण श्री मोहनलाल, कलेक्टर शहडोल श्री नरेश पाल, कलेक्टर उमरिया श्री माल सिंह, कलेक्टर अनूपपुर श्री अजय शर्मा, कलेक्टर सतना श्री मुकेश शुक्ला, कलेक्टर सीधी श्री दिलीप कुमार, कलेक्टर सिंगरौली श्री अनुराग चौधरी, प्रबंध संचालक एपेक्स बैंक श्री बी.के.नीखरा, प्रबंध संचालक बीज संघ भोपाल श्री आर.सी.घिया, शहडोल संभाग के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, संयुक्त संचालक कृषि, उपसंचालक कृषि, उद्यानिकी विभाग, सहकारिता विभाग, मत्स्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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