जनप्रतिनिधियों को हर कार्य की जानकारी कराना अनिवार्य – मंत्री श्रीमती माया सिंह

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इन्दौर- ईपत्रकार.कॉम |स्मार्ट सिटी और जिले के नगरीय सीमा क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की समस्त जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करायें। सभी समीक्षा बैठकों और डीपीआर बनाते समय भी जनप्रतिनिधियों की राय और सलाह को तवज्जो दी जाये। क्षेत्र में होने वाले कार्यों के सम्बन्ध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर कार्य करें। स्मार्ट सिटी और स्वच्छता अभियान की समीक्षा करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि इन्दौर ने स्वच्छता अभियान में देश में नम्बर वन बनकर प्रदेश का नाम देश में रोशन किया है। हमें गर्व है कि इन्दौर जिला देश में नम्बर वन है। इसे स्वच्छता अभियान में नम्बर वन बनाये रखना है।

नेहरू पार्क स्थित स्मार्ट सिटी आफिस में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्रीजी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्मार्ट सिटी के लिये निविदा में पारदर्शिता रखी जाये। किसी को भी लाभ पहुंचाने के लिये कोई भी ऐसी शर्त न हो जिस पर दूसरे अन्य निविदाकार आपत्ति लें। आपत्ति आने पर इसका पारदर्शिता के साथ निराकरण करें।

समीक्षा बैठक में इन्दौर की महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, आईडीए के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री मलय श्रीवास्तव, सचिव श्री विवेक अग्रवाल, कलेक्टर श्री निशान्त वरवड़े, नगर निगम आयुक्त श्री मनीष सिंह एवं अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।

समीक्षा बैठक में मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि स्वच्छता अभियान में नम्बर वन आने के साथ स्मार्ट सिटी के कार्यों में भी इंदौर को नम्बर वन बनाना है। सभी निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करें। डीपीआर और निर्माण कार्य शुरू करते समय दी गई पूर्णता तिथि में ही कार्यों को पूर्ण करें। इन्दौर में जो कार्य किये जा रहे हैं, वे प्रशंसनीय है। परम्परागत व्यवस्था को बनाये रखते हुए आधुनिक तकनीकों का प्रयोग कर जनता को लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसके लिये ग्वालियर के दल को यहाँ के अनुभव का लाभ लेने के लिये भ्रमण हेतु भेजा जायेगा। शहर में जितने भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन सभी जगहों पर निर्माण की लागत, परियोजना की प्रगति रिपोर्ट और कार्य पूर्ण होने की तिथि का उल्लेख बोर्ड लगाकर किया जाये।

बैठक में महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ ने कहा कि इन्दौर की जनता और जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम द्वारा किये जा रहे हर कार्य को आगे बढ़कर अपनाया है। अतिक्रमण हटाने, धार्मिक स्थलों का स्थानान्तरण और अन्य व्यवस्थाओं में सभी ने सहयोग किया है।

समीक्षा बैठक में नगर निगम आयुक्त ने स्मार्ट सिटी का प्रस्तुतिकरण करते हुए बताया कि स्मार्ट सिटी के लिये 296 करोड़ रूपये की केन्द्र और राज्य सरकार से राशि प्राप्त हुई है। जिसमें 156 करोड़ से अधिक राशि के कार्य शुरू कर दिये गये हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अन्तर्गत 87 प्रोजेक्ट बनाये गये थे। समीक्षा में 72 प्रोजेक्ट फिजिबिलिटी के आधार पर शुरू किये गये हैं, जिसमें से 7 प्रोजेक्ट पूर्ण हो गये हैं। 38 में कार्य चालू है। 10 कार्यों के लिये टेण्डर कर दिये गये हैं और 17 प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाई जा रही है। आयुक्त नगर निगम ने बताया कि स्मार्ट सिटी क्षेत्र को एस.डी.जेङ के जैसे विकसित किया जायेगा। विद्युत वितरण के लिये नगर निगम कम्पनी बनाकर लायसेंस लेकर विद्युत वितरण का कार्य भी करेगा। इससे उपभोक्ताओं को आधे कीमत में बिजली उपलब्ध होगी। पूरे स्मार्ट सिटी क्षेत्र में पानी, सीवरेज और विद्युत वितरण के लिये केबल पूरी तरह अण्डर ग्राउण्ड होगी। विद्युत ट्रान्सफार्मर भी पूरी तरह बन्द और सुरक्षित ढांचे में रखेंगे।

छत्री से जवाहर मार्ग तक का रोड 4 लेन बनेगा। अण्डर ग्राउण्ड पार्किंग व मल्टीलेवल पार्किंग भी बनेगी। राजवाड़ा के दोनों ओर हेरिटेज वाक के लिये काम भी जल्दी शुरू होगा। होलकरकालीन स्वरूप को पूरे राजवाड़ा क्षेत्र में लाया जायेगा। रिवर फ्रंट कॉरिडोर सुभाष मार्ग ब्रिज से महू नाका तक बनाया जा रहा है। नदी में स्वच्छ पानी बहे इसके लिये छोटे-छोटे ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जायेंगे। सरस्वती खान नदी के केचमेंट एरिया का पानी नदी में न गिरे इसके लिये सीवरेज सिस्टम लगाया जा रहा है। बैठक में सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने कहा कि बीआरटीएस को ओर व्यवस्थित किया जायेगा। मेट्रो के साथ लिंक भी किया जायेगा। संभवत: दिसम्बर में मेट्रो ट्रेन के लिये भूमिपूजन किया जा सकता है।

इंदौर में राजवाड़ा के ऐतिहासिक क्षेत्र को अमृतसर के गुरुनानक साहेब के क्षेत्र के समान विकसित किया जायेगा। प्रजेंटेशन देते हुए नगर निगम आयुक्त ने कहा कि कचरा और निगम की अन्य गाड़ियां जीपीएस लगाने से हर माह 15 लाख रूपये के डीजल की बचत हो रही है। शहर में गीला और सूखा कचरा एकत्रित करने के लिये ढाई लाख डस्टबिन बांटे गये हैं। शहर में 90 प्रतिशत कचरा अलग-अलग एकत्रित किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के साथ ही स्वच्छता अभियान, प्रधानमंत्री आवास हितग्राहीमूलक योजना की जानकारी समीक्षा बैठक में दी गई।

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