जिला योजना समिति की बैठक संपन्न

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छिन्दवाड़ा – (ईपत्रकार.कॉम) |प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन की अध्यक्षता में आज जिला योजना समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें अल्प वर्षा से निर्मित स्थिति के लिये कार्ययोजना पर विचार, पानी रोकने व जलाशय के भराव और पेयजल पर चर्चा करने के उपरांत, कृषि विभाग, ऊर्जा विभाग के साथ अन्य मुद्दो पर चर्चा की गई।

कलेक्टर श्री जे.के.जैन ने बैठक के शुरू में पिछली बैठक की कार्यवाही विवरण का पालन प्रतिवेदन की जानकारी देते हुये कहा कि अल्प वर्षा से प्रभावित फसलों के लिये दल गठित किया गया है जो प्रभावित फसल की जानकारी लेंगे। उन्होंने पेयजल समस्या को लेकर कन्हरगांव डेम में उपलब्ध पेयजल के अलावा संभावित क्षेत्र जहां पेयजल संकट की स्थिति हो सकती है उसके कार्ययोजना, मौसमी बीमारियो से बचाव, पशुओं की बीमारी से बचाव, बिजली आपूर्ति, कौशल विकास, मिल बाँचे मध्यप्रदेश, निर्माणाधीन पेंच व्यपवर्तन की नहर प्रणाली के संबंध में जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने मुख्य रूप से पेयजल समस्या और अल्प वर्षा से फसल क्षति के संबंध में चर्चा की जिसमें कहा कि 30 सितंबर वर्षा की कटऑफ डेट है जिसके आधार पर ही सूखा का निर्धारण मानक संकेतकों के आधार पर किया जायेगा। कुल बोनी का रकबा यदि 33.3 प्रतिशत से कम है तो वह सूखा की श्रेणी में आ सकता है जिसे फसल बीमा और आर.बी.सी. 6-4 के अंतर्गत कार्यवाही की जा सकती है। पेयजल के संबंध में डब्ल्यू.आर.डी.के ए.सी. ने बताया कि जिले में 130 लघु और मध्यम बांध है जिनमें 21 जलाशय पूरी तरह भर चुके है और वर्तमान वर्षा को देखते हुये शेष बांध शीघ्र ही भर सकते है। कन्हरगांव जलाशय में अभी 710.9 मीटर पानी भर चुका है।

प्रभारी मंत्री ने गंभीर सूखा स्थिति के संबंध में फसल स्थिति संबंधी अनेक संकेतकों पर चर्चा की और कहा कि रेण्डमली प्रभावित गांवों का सर्वेक्षण करें जहां सूखा की संभावना है। उन्होंने उप संचालक कृषि को कहा कि प्रभावित किसानों को किन-किन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री बीमा और आर.बी.सी. 6-4 का लाभ मिल सकता है इसके जगह-जगह बडे-बडे होर्डिंग्स लगाये ताकि लोगों को पता चल सके। उन्होंने भावांतर योजना, खाद्य प्रसंस्करण यूनिट, उप मंडी खोलने के लिये भूमि की सुनिश्चितता, सभी मंडियों में शेड बनाने के साथ बहुउद्देशीय कृषक संगोष्ठि के लिये व दो-तीन कमरों के रेस्ट हाउस के लिये एक एकड़ जमीन सुनिश्चित करने को कहा तथा अमरवाडा और जुन्नारदेव की मंडी के निरीक्षण का कार्यक्रम भी निर्धारित किये। प्रभारी मंत्री श्री बिसेन ने एस.ई. विद्युत से कहा कि पेयजल को दृष्टिगत रखते हुये यह ध्यान रखा जाये कि जलाशयों में अवैध विद्युत मोटर पम्प न चले। उन्होंने 27, 28 और 29 सितंबर को चौरई-बिछुआ, जामई-परासिया-तामिया, हर्रई व अमरवाडा में किसान संगोष्ठि आयोजित करने के निर्देश देते हुये कहा कि किसानों को वर्षा की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुये प्रमाणित बीज ही दे और पशु चारा व पशुधन विकास के लिये हर ग्राम पंचायत में नेपियर घास लगाने के निर्देश दिये। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कांता ठाकुर, नगर निगम महापौर श्रीमती कांता सदारंग, विधायक सर्वश्री चौधरी चन्द्रभान सिंह, नानाभाऊ मोहोड और नत्थनशाह कवरेती के साथ श्री नरेन्द्र परमार, श्री मारोतराव खवसे और समिति सदस्य तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोहित सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी, ए.डी.एम. श्री आलोक श्रीवास्तव सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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