टीम वर्क के साथ समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ण करना हम सबकी जिम्मेदारी – सीईओ श्री शुक्ल

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सागर – ईपत्रकार.कॉम |केन्द्र शासन ने जिस तरह पोलियो मुक्त भारत किया है उसी तरह भारत से मीजल्स को मुक्त करना है। यह महाभियान मीजल्स रूबेला सागर जिले के अनुमोदित बच्चे लक्ष्य समूह 09 माह से 15 वर्ष के लगभग सात लाख होंगे यही हमारा लक्ष्य होगा। यह विचार सीईओ श्री चन्द्रशेखर शुक्ला ने जिलास्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। यह अभियान 15 जनवरी से प्रारंभ होगा तथा इस अभियान में शिक्षा विभाग, महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं स्वयंसेवी संगठन एवं अन्य विभागों के सहयोग से चलाया जाएगा।

डॉ. आरके लखानी विश्व स्वास्थ्य संगठन जिला सागर ने बताया कि जिले की समस्त शासकीय एवं प्राईवेट स्कूलों के 01 से 10वीं कक्षा तक के स्कूली बच्चे/प्री-नर्सरी के बच्चे सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत बच्चे/आंगनवाड़ी के बच्चे तथा शाला त्यागी बच्चे आदि को शुरूआत में शासकीय/प्रायवेट स्कूलों में यह टीकाकरण अभियान दो सप्ताह चलाया जाएगा।

फिर सामूदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आयोजित सत्रों में तथा शेष रहे या छूटे बच्चों को व दूरदराज या किन्ही कारणवश केन्द्र में टीका नहीं लग पाया उन बच्चों को मोबाईल टीम के माध्यम से टीकाकरण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि खसरा यह वायरस से फैलता है बच्चों में लाल दाने के साथ खुजली आना व बुखार आना, आंखें लाल होना आदि यह दूसरे बच्चों में हो सकता है इसी प्रकार रूबेला यह संक्रमित रोग है।

बच्चों में लाल दाने के साथ खुजली आना व बुखार आना, आंखें लाल होना आदि तथा गर्भवती महिला यदि प्रथम तिमाही के बीच यदि संक्रमित होती है तो उसके गर्भ में शिशु को भी रूबेला रोग हो सकता है। इस विषय में खसरा व रूबेला को रोकने के लिए सिर्फ एमआर बैक्सीन का टीकाकरण ही एक उपाय है। भारत के 22 राज्यों के 13.50 करोड़ बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। यह कार्यक्रम स्कूलों में आंगनवाड़ी केन्द्र में सामूदायिक सत्र में आडट-रिच एरिया में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा टीकाकरण किया जाएगा। तथा यह टीका खाली पेट नहीं लगाया जाएगा। टीका लगने के आधा घंटा बच्चे को रूकना है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रोशन सागर ने बताया कि अभियान पूर्व प्रचार-प्रसार हेतु प्राप्त बैनर, जन-जागरूकता जैसे नारे लेखन संदेश, मुनादी कराना, रैली निकालना, अभिभावक बैठक, स्कूल शिक्षकों से समन्वय स्थापित कर बैठक करना, माईकिंग करना, धार्मिक स्थान से एनाउंसमेंट करवाना, धार्मिक गुरूओं का सहयोग व गणमान प्रभावशाली व्यक्तियों का भी सहयोग लेना है। अपने बच्चों को मीजल्स रूबेला का टीका अवश्य लगवायें इस अभियान को सफल बनायें।

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