बजट 2018 : विभिन्न धाराओं के तहत टैक्स स्तर के ढांचे में हो बदलाव

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आम बजट वित्त मंत्री अरुण जेतली 1 फरवरी को पेश करने वाले हैं। आम जनता से लेकर निवेशक, वेतनभोगी और स्वरोजगार करने वाले लोगों तक हर किसी को इस बजट से उम्मीदें हैं। जानें अरुण जेतली की पोटली से आम लोगों को क्या हैं उम्मीदें :

टैक्स स्लैब में छूट की सीमा बढ़ाई जाए
साल में 2.5 लाख रुपए तक कमाने वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है लेकिन जीवन-यापन का खर्च इतना बढ़ गया है कि वर्तमान टैक्स स्तर के ढांचे में बदलाव किए जाने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। एक बहुत बड़ी जनसंख्या को टैक्स से पूरी तरह बाहर रखना सरकार के लिए आमदनी की दृष्टि से काफी हानिकारक है लेकिन टैक्स बचाने में लोगों की मदद करने के लिए विभिन्न धाराओं के तहत छूट की सीमा को बढ़ाया जा सकता है।

टैक्स में बचत की सीमा बढ़ाने की उम्मीद
वर्तमान में एक टैक्सपेयर आयकर अधिनियम की धारा 80 सीसीई. के अनुसार धारा 80सी, 80सीसीसी और 80 सीसीडी(1) के तहत हर साल 1.5 लाख रुपए तक टैक्स कटौती का लाभ उठा सकता है। इस सीमा को 2014 में 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए किया गया था। इससे पहले आखिरी बार 2003 में इसे संशोधित किया गया था। इस तरह पिछले 14 साल में इस धारा के तहत सिर्फ  50 प्रतिशत संशोधन किया गया है, इसलिए इस सीमा को बढ़ाकर 2 से 3 लाख रुपए के आसपास कर देना चाहिए। कुछ ही टैक्सपेयर ऐसे हैं, जो 80 साल के हो चुके हैं और जो धारा 80 डी के तहत 30,000 रुपए तक मैडीकल इलाज पर किए गए खर्च को क्लेम करने का फायदा उठा सकते हैं, इसलिए यह टैक्स लाभ ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए किसी काम के नहीं हैं, जिनकी उम्र 60 से 80 साल के बीच है। सरकार को यह लाभ उन नागरिकों को भी देने की कोशिश करनी चाहिए, जो 60 साल के हो चुके हैं।

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