राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा कि देश में महिलाओं को देवी स्वरूप माना गया है और ऐसे में उनके विरूद्ध रोजाना हो रही हिंसक और अत्याचार की घटनाएं दर्दनाक और खेदजनक हैं। मुखर्जी ने वीमेंस इंडियन एसोसिएशन के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए महिलाओं पर हिंसा की बढ़ती घटनाओं को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘चिंता का विषय’ बताया। उन्होंने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि कैसे कोई व्यक्ति महिलाओं के विरूद्ध अत्याचारों को स्वीकार कर सकता है जो आधुनिक समाज में भी हो रही हैं।
मुखर्जी ने कहा कि वीमेंस इंडियन एसोसिएशन का गठन करने वाले महिलाओं को समाज में उनका वास्तविक दर्जा और सम्मान दिलवा रहे हैं। यह संगठन महिलाओं में पर्याप्त शक्तियां के नोबेल आदर्शों को विकसित कर रहा है। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में हाल में महिलाओं पर हुए यौन उत्पीडऩ और अत्याचार की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पर मौजूदा स्थिति यह है कि महिलाओं को इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अभी काफी आगे का सफर तय करना है।





























































