प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हमले में 40 सैनिकों के शहीद होने के बाद एक बार फिर दुनिया ने भारत की सेना की ताकत देखी। मोदी ने विभिन्न सड़क, रेलवे और अन्य विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद कहा कि भारत कई वर्षों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है और 2004 से 2014 के बीच देश में कई आतंकवादी हमले किये गये। देश में हैदराबाद, अहमदाबाद, जयपुर, बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और अन्य स्थानों पर कई बम विस्फोट और आतंकवादी हमले हुए। उन्होंने कहा, ‘‘देश की जनता को उम्मीद थी कि दोषियों को सजा दी जाएगी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी। अब बहुत अंतर आ गया है। भारत अब आतंकवाद के मामले में असहाय नहीं रहा।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जब देश में 26/11 हुआ, जनता को आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद थी लेकिन तब कुछ नहीं हुआ। जब उरी में हमला हुआ तो आपने देखा कि हमारे वीर सैनिक क्या कर सकते हैं। एक समय था जब न्यूज रिपोर्ट खबरों में आता था कि वायुसेना 26/11 के बाद सर्जिकल स्ट्राइक करना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने उसे रोक दिया। जब पुलवामा हुआ तो आपने देखा कि हमारी वायुसेना के जवानों ने क्या किया। आज हम ऐसे युग में हैं जब खबरों में आता है कि सेना के पास कोई भी कदम उठाने की पूरी आजादी है।’’ उन्होंने कहा कि इससे हमारा देश एकजुट हुआ है। देश की जनता ने जिस तरह सैन्यबलों का समर्थन किया है, वह विशेष है और इसके लिए वह हर नागरिक के आभारी हैं।
मोदी ने देश की रक्षा में लगे जवानों को सलाम करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता से ही देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा,‘‘सेना ने अदय साहस के साथ काम किया है और इसके लिए मैं पूरे देश के सामने उनके साहस को नमन करता हूं। पिछले कुछ दिनों में हमारी सेना ने जो ताकत दिखाई है उससे पूरा देश एकजुट हुआ है।’’ उन्होंने कहा,‘‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरा विश्व भारत के साथ है लेकिन कुछ विपक्षी दलों को इस लड़ाई पर संदेह है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि मोदी आता-जाता रहेगा लेकिन देश कायम रहेगा। यह दुखद है कि कुछ राजनीतिक दल मोदी से नफरत के कारण देश से नफरत करने लगे हैं। कृपया अपनी राजनीति मजबूत करने के चक्कर में देश को कमजोर नहीं करें।’’
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल सरकार जहां भ्रष्टाचार का पुरजोर विरोध कर रही है, वहीं उसने ईमानदार करदाताओं को पुरस्कृत भी किया है। उन्होंने आयकर की सीमा पांच लाख रुपये तक बढ़ाने का हवाला देते हुए कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने 10 वर्ष तक इसके बारे में नहीं सोचा। संप्रग सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ‘‘पूर्ववर्ती मंत्रिमंडल के एक बदमिजाज सदस्य ने कहा था कि लाखों रुपये के घोटाले में कोई नुकसान नहीं हुआ। कुछ लोग भ्रष्टाचार को जीवन जीने के तरीके के तौर पर देखते हैं। यह उनके लिए स्वीकार्य हो सकता है लेकिन मेरे लिए नहीं।’’





























































