7 लाख करोड़ रुपए जमा किये 60 लाख खाताधारकों ने

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नोटबंदी की घोषणा के बाद से 60 लाख व्यक्तियों व कंपनियों ने अपेक्षाकृत बड़ी राशिओं की जमा के रूप में विशाल सात लाख करोड़ रुपए के पुराने नोट जमा करवाए हैं। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने गुरुवार (29 दिसंबर) को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने इस तरह की जमाएं करवाने वालों को आगाह करते हुए कहा है कि केवल बैंक में जमा करवा देने से ही कालधन वैध नहीं हो जाएगा और कालेधन पर सरकार कर का एक एक पैसा वसूलेगी। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सरकार किसी ईमानदार या खरे जमाकर्ता को शिकार नहीं बनाएगी लेकिन इसके साथ ही कालेधन को वैध बनाने की कोशिश कर रहे कालाधन धारक को बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह के लोगों के खिलाफ हरसंभव कार्रवाई की जानी है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा की और 1000 व 500 रुपए के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार नोटबंदी के बाद अघोषित धन रखने वालों के पास कर चोरी माफी योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) का विकल्प है और अगर वे इसे नहीं चुनते हैं तो वे सरकार के लंबे हाथों से बच नहीं सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘कुछ लोग मानते हैं कि उनका पैसा बैंकों में आ गया है तो सफेद हो गया है। ऐसा नहीं है। हमें दो लाख, पांच लाख रुपए से अधिक जमा करवाने वालों के बारे में दैनिक जानकारी मिल रही है। हम इस जानकारी को उसी व्यक्ति के पूर्व रिकॉर्ड से मिला रहे हैं।’ अधिकारी ने कहा- कर चुकाने का विकल्प अब भी है और हमें उम्मीद है कि लोग भी इस बात को समझेंगे कि खाते में जमा करवाने भर से कोई कालाधन सफेद या वैध नहीं हो जाता। हमें उम्मीद है कि लोग खुद आगे आकर (कर चोरी माफी) योजना में भाग लेंगे। अधिकारी ने साफ साफ कहा, ‘अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें परेशानी होने वाली है।’

अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभाग के पास अनेक बैंकों में खाता रखने वालों और दूसरों के खातों में जमा कराने वालों, सभी का पता लगाने व पकड़ने की प्रणाली है। अधिकारी ने कहा, ‘अगर आप दो लाख रुपए से अधिक राशि जमा करवाने वालों की बात करते हैं तो हमारे पास पुख्ता जानकारी है कि 60 लाख से अधिक व्यक्तियों, कंपनियों व संस्थानों ने सात लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि जमा करवाई है। यह बड़ी संख्या है। हम इस पर विचार कर रहे हैं। व्यक्तियों के लिए यह संख्या 3-4 लाख करोड़ रुपए की होगी।’ उल्लेखनीय है कि सरकार ने नोटबंदी के बाद कर चोरी माफी योजना या पीएमजीकेवाई की घोषणा की जो कि 17 दिसंबर से 31 मार्च 2017 तक रहेगी। इसमें 50 प्रतिशत कर व अन्य शुल्क चुकाकर अघोषित राशि को वैध बनाया जा सकता है। पर इसके लिए उसे घोषित धन का 25 प्रतिशत बिना ब्याज वाले मियादी खाते में 4 साल के लिए जमा करना होगा।

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