कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने कहा है कि शाही सवारी एवं सोमवती अमावस्या के नहान की पर्याप्त एवं पुख्ता व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगमता से भगवान महाकाल के दर्शन व स्नान कराना है। इसके लिये पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण सवारी मार्ग को विभिन्न सेक्टर्स में विभाजित करके मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। सोमवती अमावस्या के स्नान के बाद दोपहर 12 बजे के बाद रामघाट सवारी के आगमन के लिये खाली करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि सोमवती
अमावस्या के दिन आमजनों को भगवान महाकाल के दर्शन शंख द्वार से होंगे। कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने यह बात आज राणौजी की छत्री स्थित कंट्रोल रूम में प्रेस से चर्चा करते हुए कही। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त डॉ.विजयकुमार जे. एवं विभिन्न संस्थानों के पत्रकारगण मौजूद थे।
कलेक्टर ने कहा कि इस बार सोमवती अमावस्या एवं शाही सवारी एक ही दिन होने से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। कलेक्टर ने मीडिया से अपील की है कि वह श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये पार्किंग व्यवस्था, दर्शन व्यवस्था आदि की विस्तृत जानकारी प्रकाशित करे। कलेक्टर ने चर्चा में कहा कि प्रशासन का मुख्य ध्यान भीड़ नियंत्रण एवं भीड़ के रिवर्स फ्लो मैनेजमेंट पर रहेगा।
डीजे सवारी में शामिल नहीं होंगे
कलेक्टर ने बताया कि शाही सवारी में डीजे प्रतिबंधित किये गये हैं। डीजे लगी सभी गाड़ियां पहले से ही रोक ली जायेंगी। शहर में लगने वाले 100 से अधिक स्वागत मंच का आकार भी नियंत्रित किया गया है। मंच पर चढ़ने वाले व्यक्तियों की संख्या भी निर्धारित की गई है।
ड्रोन पर प्रतिबंध रहेगा
रामघाट पर एवं सवारी मार्ग पर ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्ति के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
पानी के पाऊच, फल आदि वितरित नहीं होंगे
सवारी मार्ग में भीड़ नियंत्रण की दृष्टि से पानी के पाऊच वितरण, फल वितरण, चॉकलेट वितरण एवं अन्य खाद्य सामग्री वितरण पर प्रतिबंध लगाया गया है। कलेक्टर द्वारा अपील की गई है कि सवारी मार्ग पर लोग सिक्के नहीं उछालें, न ही अन्य खाद्य सामग्री का वितरण करें।





























































