जैतहरी में आयोजित खण्ड स्तरीय कृषक संगोष्ठी में कृषकों को कम पानी की फसल लेने की दी गई सलाह

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अनुपपुर – (ईपत्रकार.कॉम) |कम वर्षा में पैदा होने वाली फसलों की बोनी एवं जल संग्रहण तथा प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से किसान कल्याण विभाग द्वारा कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के पास जैतहरी में 13 अक्टूबर को खण्ड स्तरीय किसान सम्मेलन सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रूपमती सिंह, कृषि समिति के सभापति श्री धीरेन्द्र सिंह भदौरिया, श्री अनिल गुप्ता, विंध्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रामदास पुरी, जनपद पंचायत जैतहरी के उपाध्यक्ष श्री मनोज राठौर, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री एन.डी. गुप्ता, कृषि वैज्ञानिक डॉ. मृगेन्द्र सिंह, डॉ. पी.एन. त्रिपाठी, श्री आर.के. अवस्थी, सहायक संचालक कृषि श्रीमती वर्षा त्रिपाठी, समस्त विकासखंडों के वरि. कृषि विस्तार अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के मैदानी अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रूपमती सिंह ने कहा कि जिले में लगातार औसत वर्षा से कम वर्षा होने के कारण अब पानी का महत्व दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। खेती, पेयजल तथा निस्तार आदि हेतु आवश्यक है कि जल स्त्रोतों में बहते हुए पानी को रोका जाय।

विंध्य विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रामदास पुरी ने कहा कि लगातार औसत वर्षा कम होती जा रही है, जिसके कारण किसानों को अब फसल का सही उत्पादन करने हेतु कम वर्षा वाली फसलों को अपनाना चाहिए। किसानों को कृषि विभाग के अमले से लगातार संपर्क में रहकर यह जानकारी प्राप्त करना चाहिए। ऐसी फसलों के बीज शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।

उप संचालक कृषि श्री एन.डी. गुप्ता ने बताया कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश के किसानों को कृषि उपज का उचित मूल्य प्रदान करने के लिये भावान्तर भुगतान योजना प्रारम्भ की गई है। यह योजना खरीफ-2017 से लागू की गई है। योजना अन्तर्गत 11 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसानों का पंजीयन पोर्टल पर किया जा रहा है। इस योजना के तहत सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द, अरहर के फसलों को शामिल किया गया है। किसान इस योजना का लाभ लेने हेतु पंजीयन जिले के 38 केन्द्रों पर पोर्टल पर करवा सकते हैं। पंजीयन निःशुल्क होगा। पंजीयन कराने हेतु म.प्र. का मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, समग्र आई.डी. क्रमांक, बैंक खाता क्र. एवं मो. नं. लाना अनिवार्य होगा। फसलवार बोनी का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जावेगा।

इस अवसर पर संगोष्ठी में कृषि वैज्ञानिक डॉ. मृगेन्द्र सिंह, श्री आर.के. अवस्थी ने कम पानी की फसल अपनाने की सलाह देते हुए विभिन्न जानकारियां दीं। कृषक संगोष्ठी का संचालन वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी विकासखंड जैतहरी श्री एस.पी. मिश्रा ने किया।

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