जबलपुर – ईपत्रकार.कॉम |कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द के उपार्जन के लिए हुए पंजीयनों का तीन दिन के भीतर पुनरसत्यापन के निर्देश आज कलेक्टर कार्यालय में आयोजित बैठक में अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों को दिये हैं।
श्रीमती भारद्वाज ने जिले में उड़द और मूंग के बोये गये रकबे से कहीं अधिक संख्या में हुए पंजीयन पर हैरानी व्यक्त करते हुए बैठक में कहा कि पंजीकृत किसानों के रकबे के हुए सत्यापन के आंकड़े देखकर यह साफ नजर आ रहा है कि न केवल पंजीयन में बल्कि सत्यापन के कार्य में भी अनियमिततायें बरती गई हैं। उन्होंने राजस्व अधिकारियों खासतौर पर पटवारियों को पंजीयन और सत्यापन में हुई गड़बड़ियों को तीन दिन के भीतर दुरूस्त करने की सख्त हिदायत बैठक में दी। श्रीमती भारद्वाज ने कहा कि यदि तीन दिनों के भीतर गलतियां नहीं सुधारी गई तो इसके लिए सीधे पटवारी जिम्मेदार होंगे और उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही तो होगी ही शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से काम करने का दोषी मानकर उन पर एफ.आई.आर. भी दर्ज कराई जायेगी।
कलेक्टर ने कहा कि शासन ने ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द के उपार्जन की व्यवस्था केवल किसानों के हित में बनाई है न कि व्यापारियों के लिए। हर एक को यह बात साफ तौर पर समझना होगी कि इस व्यवस्था का लाभ वास्तविक किसानों को ही मिले। व्यापारी या दलाल किस्म के लोग किसी भी सूरत में इसका अनुचित फायदा न उठा पायें।
श्रीमती भारद्वाज ने बैठक में पटवारियों से कहा कि वे कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों के साथ पंजीकृत किसानों के रकबे का पुर्न सत्यापन एक जुलाई तक हर हाल में कर लें। इसके लिए उन्हें पंजीकृत किसानों के घर जाना होगा तथा उनके यहां रखी उपज की मात्रा का फोटो सहित सत्यापन करना होगा। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन उड़द और मूंग का उपार्जन उन्हीं किसानों से किया जायेगा जिनकी उपज का फोटो सहित पुर्न सत्यापन किया गया हो। उन्होंने साफ किया कि पुर्न सत्यापन के कार्य में जिन किसानों के नाम से पंजीयन हुआ है उन्हीं किसानों के यहां रखे उड़द और मूंग के स्टॉक का सत्यापन किया जाना होगा। इसके लिए स्टॉक के साथ-साथ किसानों की फोटो भी पटवारियों और कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों को लेनी होगी। श्रीमती भारद्वाज ने कहा कि पंजीकृत किसान के खुद के घर में उड़द और मूंग स्टॉक नहीं पाया गया तो वो पंजीयन शून्य माना जायेगा।
उन्होंने पंजीयन और सत्यापन के कार्य में कम्प्यूटर आपरेटरों द्वारा गड़बड़ियां की जाने की आशंका पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों से कहा कि जहां ऐसे मामले सामने आते हैं दोषी कम्प्यूटर आपरेटर के विरूद्ध भी तुरंत एफ.आई.आर. कराई जाये।
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि शासन द्वारा ग्रीष्मकालीन उड़द और मूंग के उपार्जन के लिए इस बार ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में शासन का जबलपुर जिले पर ज्यादा ध्यान है। तीन दिन के बाद पंजीयन और सत्यापन की आकस्मिक जांच करने भोपाल से राज्य स्तरीय दल भी जबलपुर आ सकता है। राज्य स्तरीय दल को आकस्मिक जांच में कहीं गड़बड़ियां पाई गई तो दोषी व्यक्तियों पर सीधे कार्यवाही होंगी।
































































