मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यमुना एक्सप्रेस वे पर यात्रियों के लिए किए जाने वाले सुरक्षा इंतजामों से खासे खफ़ा हैं। उन्होंने गुरुवार को सड़क सुरक्षा के लिए बुलाई बैठक में यमुना एक्सप्रेस वे पर टोल टैक्स वसूलने वाली कंपनी के अधिकारियों को जमकर आड़े हाथों लिया। कहा कि जब टोल आप वसूलते हैं तो जिम्मेदारी भी आपकी है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों की सख्ती से चेकिंग के निर्देश दिए हैं।
बैठक में यमुना एक्सप्रेस वे के हादसे की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने जेपी इन्फ्राटेक के अधिकारियों से कहा कि आपकी कंपनी को गलत काम करने की इजाजत प्रदेश सरकार नहीं दे सकती है। टोल आप वसूलते हैं, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना भी आपकी जिम्मेदारी है। आईआईटी दिल्ली द्वारा बताए गए सुरक्षा के सभी 13 सुझावों का पालन करिए। यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी के अधिकारी इस बात को सुनिश्चित करें अगर मानकों का पालन नहीं हो रहा है, तो कंपनी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।
स्कूली बच्चों के वाहनों की जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी खासे चिंतित दिखे। उन्होंने कहा कि जिन मारुति वैन, टैम्पो को रिजेक्ट कर दिया जाता है, उन्हें स्कूल वाहन में चलाया जा रहा है। रिक्शों पर बच्चे लटक कर स्कूल जाते हैं। पिछले साल कुशीनगर में हुई घटना से भी सीख नहीं ली गई है। स्कूल का वाहन चलाने वाले सभी चालकों की मेडिकल जांच के साथ ही पुलिस सत्यापन कराएं।
छुट्टी के दिन भी आरटीओ आफिस खोलें
स्कूली वाहनों का नियमित फिटनेस टेस्ट सत्र शुरू होने से पहले हो जाना चाहिए। इनके लिए जरूरी हो तो छुट्टी के दिन भी आरटीओ कार्यालय खोलें। जो भी वाहन फिटनेस पास हो उनको ही सड़क पर चलने की अनुमति दी जाए। कंडम बसें और डग्गामार वाहनों को स्क्रैप कर दिया जाए। अन्य प्रदेशों से आने और जाने वाली बिना परमिट की बसों को प्रदेश से गुजरने की अनुमति न दें। जो भी कानून का उल्लंघन करे उससे पूरी सख्ती से निपटें।
ट्रामा सेंटर में आर्थोपैडिक सर्जन की व्यवस्था हो
चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी हादसे 10-15 मिनट के भीतर वहां पर घायलों के लिए जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि जितने भी ट्रामा सेंटर हैं, वो चलने चाहिए। इनमें आर्थोपैडिक सर्जन की व्यवस्था हो।
काली नीली फिल्म चढ़ाये वाहनों पर कार्रवाई हो
यातायात विभाग को निर्देश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीली और काली फिल्म चढ़ाए वाहनों पर कार्रवाई की जाए। हेल्मेट और सीट बेल्ट को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य किया जाए। एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण और राज्य मार्ग प्राधिकरण विभाग के अधिकारियों को निर्देश करते हुए उन्होंने कहा कि हाइवे पर जनसुविधाओं को बढ़ाया जाए, पेट्रोल पंप की व्यवस्था की जाए और ई-चालान की व्यवस्था में और सुधार लाया जाए।
ओवर स्पीड पर नियंत्रण हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी अपने जिलों में सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों के साथ हर माह बैठक करें। हर तीन महीने पर सड़क सुरक्षा को लेकर सूचना विभाग, परिवहन विभाग और यातायात विभाग व्यापक अभियान चलाए। उन्होंने कहा कि रम्बल स्ट्रिप हर 15 किमी. पर होना चाहिए।





























































