छतरपुर – ईपत्रकार.कॉम |जिला कलेक्टर श्री रमेश भण्डारी ने कहा है कि मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना का क्रियान्वयन समय सीमा में पूरा किया जाए। इस कार्य में ग्राम पंचायत के सचिव/ग्राम रोजगार सहायक के साथ तृतीय श्रेणी के शासकीय कर्मचारी नियुक्त किए जाएंगे। श्री भण्डारी आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में किसानों की फसल ऋण मुक्ति योजना, गर्मी के मौसम में शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के निराकरण, यूरिया की व्यवस्था सहित 6 अन्य प्रमुख बिंदुओं की समीक्षा कर रहे थे।
कलेक्टर श्री भण्डारी ने निर्देश दिए कि ग्रामवार कृषकों की सूची तयशुदा अवधि में तैयार कराकर जिला पंचायत के सीईओ को उपलब्ध कराएं। प्रत्येक विकासखण्ड में योजना के क्रियान्वयन के लिए जनपद पंचायत के सीईओ को उत्तरदायित्व दिया गया है।
ग्राम पंचायत और संबंधित बैंक शाखा की पटल पर होगी सूची प्रदर्शित
कलेक्टर ने हिदायत दी है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत और संबंधित बैंक शाखा में पटल पर सूची 15 जनवरी 2019 से प्रदर्शित करने का कार्य हर हालत में प्रारंभ किया जाए।
किसानों को आधार कार्ड सीडिंग और आवेदन भरना होगा
मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना में जिन किसानों के नाम गैर आधार कार्ड सीडेड सूची (सफेद सूची) में हैं, उन्हें संबंधित बैंक शाखा में आधार कार्ड सीडिंग कराना होगा। आधार कार्ड सीडिंग का कार्य 15 जनवरी से 5 फरवरी तक जिले की प्रत्येक बैंक शाखा/समिति में किया जाएगा। इस कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए ग्रामवार और बैंक शाखा/समितिवार कार्यक्रम नियत किए जाएंगे। बिना आधार कार्ड सीडिंग या बिना आवेदन पत्र भरे किसान को योजना के लाभ की पात्रता नहीं होगी।
छतरपुर जिले में स्थापित सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक की फसल ऋण माफी के पोर्टल से उपरोक्त अवधि के रेगुलर आउटस्टैण्डिंग लोन तथा एनपीए/कालातीत लोन की आधार कार्ड सीडेड ऋण खातों की हरी सूचियां और गैर आधार कार्ड सीडेड ऋण खातों की सूचियां प्राप्त कर ग्राम पंचायत तथा संबंधित बैंक शाखा में 15 जनवरी से प्रदर्शित होना शुरू होगा।
पेयजल की समुचित व्यवस्था
जिला कलेक्टर ने गर्मी के मौसम में छतरपुर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आमजनों को पेयजल की समुचित व्यवस्था के लिए बोरिंग करवाने के साथ-साथ खराब हैण्डपम्पों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल योजना की कार्ययोजना के संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ के साथ समन्वय बनाकर जरूरी प्रस्ताव निर्धारित समयावधि में भिजवाना सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
कलेक्टर ने जिले में किसानों को यूरिया उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र के व्यापारियों के यूरिया स्टाक का भौतिक सत्यापन किया जाए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हर्ष दीक्षित, अपर कलेक्टर डी.के. मौर्य, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नगर पालिका/नगर परिषद के सीएमओ, जनपद पंचायत सीईओ, सहकारिता, कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।





























































