राजगढ़ – (ईपत्रकार.कॉम) |शिक्षित व्यक्ति ही दूसरे व्यक्ति को भी शिक्षित कर सकता है। जीवन में आगे बढ़ना है तो शिक्षित होना जरूरी है। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्कील डवलपमेंट के क्षेत्र में जिले को अग्रणी बनाने के लिये सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभायें। ग्रामीण अंचलों में शिक्षा के क्षेत्र में समुचित व्यवस्था कर गाँव-गाँव तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाई जाये जिससे आने वाले समय में ग्रामीण अंचलों के छात्र-छात्राऐं पढ़ाई में जिले के साथ-साथ प्रदेश का भी नाम रोशन कर सकें। यह बात कलेक्टर सुश्री निधि निवेदिता ने आकांक्षी जिलों में शामिल राजगढ़ जिले की प्रगति की समीक्षा करते हुये कही। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के बिंदुओं के अनुसार गाँव-गाँव तक शिक्षा का स्तर ऊपर उठाने के लिए स्मार्ट क्लासेस के साथ-साथ स्मार्ट लर्निंग, स्मार्ट टीचिंग मटेरियल को बेहतर बनाना है जिससे छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकें। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को ऐसे विषयों में पारंगत किया जाये जिससे वे शिक्षा के अलग क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा को निखार सके।
बैठक में कलेक्टर ने सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में पेयजल, बिजली तथा शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षा सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को मिले इसके लिये बेहतर विकल्प तलाशें जायें और समुचित व्यवस्थाऐं भी की जाये। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए शिक्षकों की समुचित व्यवस्था की जाये। समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षा को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के हर बच्चें तक पहुँचाया जाये जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए सब मिलकर सर्वोत्कृष्ट कार्य करें जिससे राजगढ जिला अपनी उपलब्धी को पा सके।
इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्कील डवलपमेंट विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।





























































