श्योपुर – ईपत्रकार.कॉम |कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा बैठक में लंबित पत्रों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि 300 दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए समय सीमा में करें निराकरण। साथ ही भुगतान संबधी जनहानि जैसे प्रकरणों को गंभीरता से लेकर उनका निराकरण करें। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचातय श्री ऋषि गर्ग, अपर कलेक्टर श्री राजेन्द्र राय, एसडीएम श्री आरबी सिन्डोस्कर, पेंशन अधिकारी श्री सुनील भदोरिया, महिला बाल विकास अधिकारी श्री रतन सिंह गुडिया, उप संचालक कृषि श्री पी गुजरे, खाद्य आपूर्ति अधिकारी श्री एसएन चैहान सहित विभिन्न विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सुमन ने कहा कि 300 दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों को अधिकारी शीघ्र निराकरण करें। साथ ही जनहानि वाले प्रकरणों को गंभीरता से लेकर उनका निराकरण करें। बैठक में अल्पसंख्यक विभाग, सहकारिता विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत ग्रामीण विकास, के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह अपने विभागो के लंबित प्रकरणों को तत्परता सें करें एवं अन्य विभाग के द्वारा आ रही समस्याओं को विभागीय समन्वय के द्वारा प्रकरणों को समाधान करें। उन्होने कैंसर संबंधी प्रकरणों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि राज्य बीमारी सहायता योजना में हितग्राहीयों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रकरण तैयार कर उनका ईलाज करायें।
सूखा राहत संबधी प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होने निर्देश दिये कि सूखा राहत में किसान हितग्राहीयों के फैल बैक खाते ठीक करवाकर सही बिल लगाकर भुगतान करें। इसी प्रकार उन्होने कहा कि सूखा राहत के समय सीमा में सभी प्रकरण निराकृत हों। विभागवार समीक्षा करते हुए उन्होने यह निर्देश दिये कि अंसगठित श्रमिको के पंजीयन पात्र हितग्राहीयों के किये जायें। साथ ही सभी जनपद सीईओ लगातार होने वाले पंजीयनों पर मॉनीटरिंग रखे एवं कोई भी पात्र हितग्राही योजना से वंचित न रह पायें। उन्होने वनाधिकार पट्टो की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी अनुविभागीय अधिकारी अपने-अपने अनुभाग में पट्टे का वितरण एवं हितग्राहीयों के लिए फोल्डर बनाने की कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन उन्होने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि अधिकारी भ्रमण कर स्कूलों एवं छात्रावासों का निरीक्षण करें साथ ही स्कूल में पढाये जाने वाले शिक्षक की उपस्थिति एवं छात्रों की जानकारी लें एवं भ्रमण के दौरान आगनबाडियों का भी निरीक्षण किया जाये। साथ ही आगनबाडियो में दिये जा रहे पोषण आहार की जानकारी एवं गुणवत्ता की जांच अधिकारियों द्वारा करना सुनिश्चित की जायें।





























































