मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना के अंतर्गत प्रसूति सहायता के अंतर्गत सभी प्रकरणों में भुगतान कराना सुनिश्चित करें – कलेक्टर

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होशंगाबाद  – ईपत्रकार.कॉम |कलेक्ट्रेट के रेवा सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर प्रियंका दास ने सभी बीएमओ को निर्देशित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना शासन की उच्च प्राथमिकता की योजना है। इसके अंतर्गत सभी पात्र गर्भवती महिलाओं को प्रसूति सहायता राशि का भुगतान समय से कराना सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक इस योजना के अंतर्गत 550 गर्भवती महिलाओं को 63 लाख 79 हजार 400 रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी पात्र महिला प्रसूति सहायता राशि से वंचित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए शत प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन कराया जाना आवश्यक है। सभी बीएमओ यह कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एएनसी पंजीयन की रिपोर्ट में यह भी दर्शायें कि गर्भावस्था की कौन सी तिमाही में पंजीयन कराया गया है। उन्होंने बैठक से अनुपस्थित रहने के कारण पचमढी बीएमओ डॉ. चौधरी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि इसके लिए किए गए सर्वे के उपरांत जानकारी ऑनलाईन पोर्टल पर फीड की जानी हैं। पोर्टल फीडिंग की जानकारी प्रत्येक टीएल में प्रस्तुत करें।

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने महिलाओं की ब्लॉक बार बीमारी की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में इस वित्तीय वर्ष में अब तक 456 नि:संतानता, 40 स्तन कैंसर तथा 13 बच्चे दानी कैंसर के प्रकरण चिन्हांकित किए गए हैं। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि वे इनमें से कितनी महिलाओं के प्रकरण राज्य बीमारी सहायता के अंतर्गत स्वीकृत हुए हैं इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में स्थित एसएनसीयू के उन्नयन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजें। इसमें अतिरिक्त वेंटीलेटर्स उपलब्ध कराये जाने की अंत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने जिले में शिशु मृत्यु दर की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी बीएमओ अपने विकासखण्ड की सीडीआर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। नियमित रूप से सीडीआर का कार्य करें एवं रिपोर्ट के साथ पोर्टल से प्राप्त रिपोर्ट भी संलग्न करें। कलेक्टर ने कहा कि जिले में पीसी पीएनडीटी एक्ट का कडाई से पालन कराया जाना है। इसके लिए एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन करें। जिले में लाइव बर्थस एवं लिंग का नियमित रिकॉर्ड रखें। सभी सोनोग्राफी सेंटर्स का नियमित निरीक्षण करें। बैठक में बताया गया कि एक अप्रैल 2018 के पश्चात जिले में 2 गर्भवती महिलाओं की प्रसव के दौरान मृत्यु हुई है। कलेक्टर ने मृत्यु के कारणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण अच्छी तरह से किया जाए। इसके लिए सभी बीएमओ अपने फील्ड स्टाफ को निर्देशित करें।

कलेक्टर ने कहा कि मलेरिया कार्यक्रम के अंतर्गत संतोषजनक कार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी बीएमओ यह सुनिश्चित करें कि सभी बुखार के मरीजों का मलेरिया टेस्ट किया जाए। सभी बीएमओ अपने विकासखण्ड के स्वास्थ्य केन्द्रों में दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल के स्टोर इनचार्ज दवाईयों के स्टोरेज की जानकारी लेकर स्वास्थ्य समिति की बैठक में उपस्थित रहें। उन्होंने राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी बीएमओ टीबी से होने वाली मृत्यु के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी ने बताया कि डीआर टीबी सेंटर के लिए जिला अस्पताल में कक्ष की आवश्यकता है। कलेक्टर ने सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि वे अस्पताल का निरीक्षण कर 7 दिवस के भीतर उपयुक्त कक्ष की जानकारी प्रस्तुत करें। बताया गया कि शासन द्वारा नवीन योजना के अंतर्गत सभी टीबी के मरीजों को 500 रूपए प्रति महीने की राशि प्रदान की जानी हैं। कलेक्टर ने कहा कि सभी बीएमओ इसके लिए टीबी के मरीजों की जानकारी निक्षय सॉफ्टवेयर में दर्ज कराया जाना सुनिश्चित करें। टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति को देखते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिले में टीकाकरण की यूनीसेफ द्वारा तैयार रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने अंधत्व निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में एनआरसी में बेड ऑक्यूपेंसी का प्रतिशत 91 है जो संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आरबीएसके की टीम यह सुनिश्चित करें कि बेड ऑक्यूपेंसी शत प्रतिशत हो एवं डिसचार्ज के पश्चात बच्चे का फॉलोअप लेना सुनिश्चित करें। बैठक में बताया गया कि एलएल आईएन परियोजना के अंतर्गत जिले में मेडीकेटेड मच्छरदानियों का वितरण किया जाएगा। कलेक्टर ने जिला मलेरिया अधिकारी को इसके लिए पूर्ण तैयारियां करने के निर्देश दिए।

बैठक में सीएमएचओ डॉ. पीके चतुर्वेदी, डीएचओ डॉ. नलिनी गौड, डीएचओ डॉ. सुनीता कामले, सिविल सर्जन डॉ. सुधीर डेहरिया, सभी बीएमओ तथा अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।

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