विभागीय अधिकारी सुशासन के प्रति गंभीर,सजग एवं सतर्क रहें- कलेक्टर

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राजगढ़- (ईपत्रकार.कॉम) |विभागीय अधिकारी सुशासन के प्रति गंभीर,सजग एवं सतर्क रहें। जिले के लिए अच्छा करने की सोच रखें। कार्य सुव्यवस्थ्ति और परिणाम मूलक हो। अपना स्वाभिमान बनाएं रखें। कार्य का परिणाम शून्य रहे और उनके विरूद्ध किसी भी प्रकार की अप्रिय कार्रवाई जिला प्रशासन को करना पड़े, का विकल्प नही चुने। यह निर्देश समय-सीमा बैठक में सी.एम. हेल्पलाईन में आवेदकों की बढ़ती शिकायतों की तुलना में गुणवत्ता पूर्ण निराकरण में कमी के मद्देनजर कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ने दिए।

उन्होंने समस्त संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सी.एम. हेल्पलाईन के 100 दिवस से उपर की समस्त शिकायतों का आवेदक की संतुष्टीकरण के साथ गुणवत्तापूर्ण निराकरण करना सुनिश्चित करें। निराकरण का प्रतिशत बढ़े, के लिए आत्ममंथन करें। उन्होंने मांग एवं समस्या आधारित आवेदनों की पहचान करने और सूचीबद्ध करने के भी निर्देश दिए ताकि आवेदनों का समुचित निराकरण हो सके।

उन्होंने लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम अंतर्गत चिंन्हित सेवाएं समय-सीमा में प्रदान करने समस्त पदाविहित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि लोक सेवा प्रदाय अंतर्गत चिंन्हित सेवाएं समय-सीमा में प्रदाय नही करने वाले पदाविहित अधिकारियों के विरूद्ध प्रथम अपीलीय अधिकारी स्व-प्रेरणा से अर्थदंड लगाएं।

उन्होंने जिले में 6 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2017 तक पर्यटन पखवाड़े के आयोजन हेतु जिले के समस्त पर्यटक केन्द्रों पर विशेष ध्यान केन्द्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएं, स्वच्छता अभियान चले और घरेलु पर्यटकों संख्या में वृद्धि हो स्थानीय स्तर पर रोजगार में वृद्धि हो इस उद्देश्य से नवाचार करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन का व्यापक प्रचार-प्रसार करें तथा किए गए कार्यो की रिर्पोटिंग भी करें।

इस अवसर पर उन्होंने सरकार की प्राथमिकता की मुख्यमंत्री स्वरोजगार, युवा उद्यमी, आर्थिक कल्याण, पोषण विकास एवं कुपोषण से मुक्ति, कौशल उन्नयन, कृषि आय दोगुनी करने, मुख्यमंत्री आवास एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, गरीब कल्याण, अनुसूचित जाति-जनजाति आर्थिक कल्याण, शिक्षा की गुणवत्ता के लिए किए जा रहे कार्यो की भी समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में कौशल उन्नयन की समीक्षा के दौरान आई.टी.आई. के नोडल अधिकारी के लगातार समय सीमा बैठक में अनुपस्थित रहने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।

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