विदिशा- (ईपत्रकार.कॉम) |शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान समारोह कार्यक्रम जिला मुख्यालय के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित किया गया था।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाने में शिक्षकों का अहम योगदान है। आने वाली पीढ़ी शिक्षा के क्षेत्र में अपने आप को पिछडा ना समझें। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा शिक्षा को बढावा देने के लिए अनेक कार्यक्रम, योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। हम सबकी नैतिक जवाबदेही है कि शासकीय कार्यक्रमों और योजनाओं का लाभ संबंधितों तक पहुंचाकर उन्हें लाभांवित करें।
कलेक्टर श्री अनिल सुचारी ने कहा कि शिक्षक ही देश के भविष्य निर्माता है। उनके द्वारा बच्चों को शिक्षावान बनाकर बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा मिलती है। शिक्षारूपी दान बच्चों का भविष्य बना सकती है। शिक्षकों के अनुभवों का लाभ सभी को मिले इसके लिए जिले में नवाचार किया जाएगा।
कलेक्टर श्री सुचारी ने कहा कि आधुनिक परिवेश में शासकीय स्कूलों के शिक्षकों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रायवेट शैक्षणिक संस्थाओं के स्तर को पीछे करने के लिए शासकीय स्कूलों के शिक्षकों को और अधिक मेहनत करनी होगी।
कलेक्टर श्री सुचारी ने शिक्षकों से आव्हान किया कि वे सामाजिक सरोकार के कार्यो में पूर्ववत अपना सहयोग देते रहे। कार्यक्रम को श्री लालाराम अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एचएन नेमा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने अनुभवों को सांझा किया।
सम्मान समारोह में जिले के वर्ष 2016-17 की हाईस्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की परीक्षाओं में शत प्रतिशत परिक्षा परिणाम देने वाले शालाओं के प्राचार्य एवं सितम्बर 2016 से अगस्त 2017 तक की समयावधि में जिले के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं जिला स्तरीय शैक्षणिक संगोष्ठी में चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी इस दौरान प्रमाण पत्र अतिथियों द्वारा प्रदाय कर सम्मानित किया गया। कुरवाई के प्राथमिक शाला पीकलोन के प्रधानाध्यापक श्री कंछेदी लाल ने अपने अनुभवों को शेयर करते हुए बताया कि मैं जिस स्कूल में पढा उसी स्कूल में मास्टर हो गया था मेरा सौभाग्य है कि मैं उसी शैक्षणिक संस्था से सेवानिवृत्त हुआ हूँ।





























































