रायसेन – ईपत्रकार.कॉम |भोपाल संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत द्वारा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित कर राजस्व, कृषि, महिला बाल विकास सहित अनेक विभागों की समीक्षा की गई। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने राजस्व न्यायालयों के प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए ताकि लोगों को सुगमता से न्याय मिल सके। उन्होंने 16 फरवरी को आयोजित होने वाली राजस्व लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्रीमती एस प्रिया मिश्रा ने राजस्व सहित अन्य विभागों की जिले में चल रही गतिविधियों से अवगत कराया।
संभागायुक्त श्री कियावत ने राजस्व न्यायालयों सहित जनसुनवाई एवं सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त राजस्व संबंधी प्रकरणों को तत्काल आरसीएमएस में दर्ज करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को अपने तथा अधीनस्थ तहसीलदार, नायब तहसीलदार के राजस्व न्यायालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। ताकि लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण किया जा सके। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा न्यायालय की गरिमा बनाए रखने के लिए भी कहा। उन्होंने 31 मार्च के पहले सभी राजस्व न्यायालयों को दुरस्त करने का लक्ष्य अधिकारियों को दिया है।
संभागायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन प्रकरणों का निराकरण हो चुका है उन्हें रिकार्ड में दर्ज कर जिले के रिकार्ड रूम में सुरक्षित रखवाएं। उन्होंने राजस्व निरीक्षकों तथा पटवारियों को महत्वपूर्ण कार्यों में सम्मिलित करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि पटवारी गिरदावरी एप पर सही एवं संपूर्ण जानकारी अपलोड की जाए ताकि भविष्य में किसी भी शासकीय कार्य के लिये जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि कोटवार राजस्व विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, उनका पूर्ण उपयोग किया जाए। शासन के विभिन्न अभियानों तथा शिविरों के आयोजन की मुदानी कोटवार के द्वारा कराई जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा अनेक दवाओं का नशे के रूप में भी उपयोग किया जाता है, इसलिए राजस्व अधिकारी जिले में दवा दुकानों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि डॉक्टर के पर्चे के बिना कोई भी दवा विक्रय न की जाए। उन्होंने बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा विक्रय करने पर संबंधित दवा दुकानों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त श्री कियावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों तक खेती की उन्नत एवं नवीनतम तकनीक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि किसान खेत पाठशालाओं के दौरान उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग के साथ समन्वय कर किसानों को खेती की उन्नत तकनीकों के साथ-साथ उद्यानिकी एवं पशुपालन की भी जानकारी दी जाए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को किसान खेत पाठशाला में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही समय-समय पर खाद व कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण करने तथा बिना लायसेंस के कीटनाशक विक्रय करने वाले विक्रेताओं के विरूद्ध कार्रवाई करने के भी निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए। उन्होंने पशुपालन विभाग को समय-समय पर पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण कराने के निर्देश दिए।
संभागायुक्त श्री कियावत खनिज विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में बंद पड़ी खदानों को जल संग्रहण के लिए उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संग्रहण से यह पानी सिंचाई के लिये उपयोग किया जा सकेगा तथा गर्मी के मौसम में पशुओं को पीने के काम आएगा। इसके साथ ही भू-जल स्तर में भी सुधार होगा। उन्होंने खदानों में जल संग्रहण के बाद ‘‘असुरक्षित स्थान‘‘ का बोर्ड लगाने के लिए भी कहा। भोपाल संभागायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि आंगनबाड़ियों में नियमित रूप से मीनू अनुसार गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार एवं मध्यान्ह भोजन वितरित किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कुपोषण के दायरे में आने वाले बच्चों को चिन्हित कर उनका समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। संभागायुक्त ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियों की निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिले में संचालित सभी छात्रावासों का भी नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को जेलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए ताकि जेल में बंदियों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें तथा उनके मानव अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जिला एवं नगरीय निकाय स्तर पर समिति गठित कर यात्रियों को बस स्टेण्डों पर बेहतर पेयजल सुविधा, मोटर वाहन नियमावली स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अमनवीर सिंह बैस सहित सभी राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व लोक अदालत 16 फरवरी को
नागरिकों को राजस्व न्यायालयों के माध्यम से सुगम, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्राप्त हो सके, इसके लिए राजस्व न्यायालयों में 16 फरवरी को राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। राजस्व लोक अदालत के लिए प्रकरणों का चिन्हांकन एवं आरसीएमएस में पंजीकरण 15 जनवरी तक किया जाएगा। प्रकरणों में आदेश के पूर्व तक की समस्त कार्यवाही जैसे नोटिस, सुनवाई, स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन आदि की नियत तिधि 10 फरवरी निर्धारित की गई है। राजस्व लोक अदालत का आयोजन एवं प्रकरणों में अंतिम आदेश 16 फरवरी को जारी होगा तथा राजस्व लोक अदालत में पारित आदेशों का पालन एवं रिकार्ड अपडेशन 28 फरवरी 2019 तक किया जाएगा।
इन प्रकरणों का होगा निराकरण
इन राजस्व लोक अदालतों में अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा, नक्शा बंटाकन, सीमांकन, व्यपवर्तन, आरआरसी वसूली, ऋण पुस्तकों का प्रदाय, भूमि बंधक दर्ज करना, भूमि बंधन निर्मुक्ति, शोध क्षमता प्रमाण पत्र, नजूल प्रकरणों के निराकरण के साथ दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही पूर्व में पारित आदेशों पर अमल करने की कार्यवाही भी की जाएगी तथा संशोधित भू-अभिलेखों की नकल पक्षकारों को प्रदान की जाएगी। राजस्व लोक अदालत में वही प्रकरण निराकृत माने जाएंगे जो आरसीएमएस में दर्ज एवं पंजीकृत होंगे। प्रकरणों का निराकरण विधि अनुसार कार्यवाही पूर्ण करते हुए ही आदेश पारित कर किया जाएगा।




























































