नरसिंहपुर – (ईपत्रकार.कॉम) |प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन के मुख्य आतिथ्य में तेंदूखेड़ा एवं करेली में खंड स्तरीय कृषि संगोष्ठी सह तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को आयोजित किये गये। इस दौरान श्री बिसेन ने तेंदूखेड़ा एवं करेली में नवीन मृदा परीक्षण प्रयोग शाला का लोकार्पण किया।
श्री बिसेन ने राजमार्ग में उप कृषि मंडी के लिए 5 करोड़ रूपये देने की घोषणा की। इस उप मंडी के लिए विधायक तेंदूखेड़ा संजय शर्मा ने अपनी ओर से 5 एकड़ भूमि दान देने की घोषणा की। श्री बिसेन ने कहा कि उप कृषि मंडी राजमार्ग का नामकरण भूमिदानदाता विधायक संजय शर्मा के पिता स्व. उमाशंकर शर्मा के नाम से किया जायेगा। श्री बिसेन ने तेंदूखेड़ा कृषि उपज मंडी में बहुउद्देशीय कृषक संगोष्ठी भवन सह विक्रय केन्द्र बनाने के लिए दो करोड़ रूपये और कौंड़िया में पुरानी सब्जी मंडी के शेड के निर्माण के लिए एक करोड़ रूपये की राशि देने की घोषणा भी की। श्री बिसेन ने कृषि उपज मंडी करेली के विकास से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति देने के लिए आश्वस्त किया।
कृषि मंत्री ने कहा कि जिले में समर्थन मूल्य पर दलहन तुअर, मूंग व उड़द खरीदी का भुगतान शेष सभी किसानों को किया जायेगा। दीपावली के पहले भुगतान के लिए शेष रहे किसानों के खातों में राशि जमा कराई जायेगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों से उपज खरीदी गई है, उन किसानों को पूरा भुगतान किया जायेगा। दलहन खरीदी में अनियमितताओं की जांच की जा रही है। अनियमितता के लिए दोषी पाये जाने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।
श्री बिसेन ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना सुनिश्चित करेगी। प्रदेश के किसानों को खरीफ की उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। खरीफ मौसम में भावांतर भुगतान योजना के परिणाम की समीक्षा के बाद इस योजना को रबी मौसम की चिन्हित फसलों के लिए लागू करने पर विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नरसिंहपुर जिले में 32 हजार हेक्टर में सोयाबीन की फसलें खराब हुई हैं। सोयाबीन लगाने वाले प्रत्येक किसान को राहत राशि प्रदान की जायेगी। सिंचित भूमि दो हेक्टर से कम वाले किसानों को 15 हजार रूपये प्रति हेक्टर और दो हेक्टर से अधिक भूमि वाले किसानों को साढ़े 13 हजार रूपये प्रति हेक्टर की दर से सहायता राशि दी जायेगी। असिंचित भूमि दो हेक्टर से कम वाले किसानों को 8 हजार रूपये प्रति हेक्टर और दो हेक्टर से अधिक भूमि वाले किसानों को 6 हजार 800 रूपये प्रति हेक्टर की दर से राहत दी जायेगी।
मंत्री श्री बिसेन ने गन्ना किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए जिले में गन्ना विकास परिषद के गठन के लिए प्रस्ताव भिजवाने के लिए कलेक्टर से कहा। उन्होंने जिले के गन्ना उत्पादक किसानों से संबंधित समस्याओं के निदान के लिए आश्वस्त किया। श्री बिसेन ने कहा कि देश और प्रदेश में आगामी 5 वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार कटिबद्ध है।
श्री बिसेन ने किसानों से कहा कि वे फसल चक्र परिवर्तन करें। उन्होंने जिले के किसानों से आग्रह किया कि वे आगामी एक से दो साल तक सोयाबीन के स्थान पर अन्य लाभकारी फसल लें। उन्होंने किसानों से जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान खेती की उन्नत तकनीक अपनायें और कृषि यंत्रीकरण पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में निर्णय लिया है कि कृषि कार्य करते हुए यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के तहत 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता मृतक के परिजनों को देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अंत्येष्टि के लिए भी 4 हजार रूपये का भी प्रावधान किया गया है।
सांसद राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। केन्द्र सरकार ने निर्णय लिया है कि वर्ष 2022 तक सभी आवासहीनों को पक्के आवास दिये जायेंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की गई है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत गरीब महिलाओं को नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार संकट की घड़ी में हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है। सरकार ने हमेशा किसानों की चिंता की है। जब भी किसानों को जरूरत पड़ी है या उनके सामने समस्यायें आई हैं, तब राज्य सरकार ने बगैर भेदभाव के किसानों की भरपूर मदद की है। किसानों के हित में केन्द्र सरकार और नीति आयोग नई कृषि नीति पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
तेंदूखेड़ा विधायक संजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की एक- एक बात की चिंता कर रही है। उन्होंने समर्थन मूल्य पर दलहन खरीदी का शेष किसानों को भुगतान दीपावली के पहले कराने की स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान और कृषि मंत्री श्री बिसेन के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने राजमार्ग में कृषि उप मंडी की स्थापना के लिए अपनी ओर से 5 एकड़ भूमि दान में देने की घोषणा की। श्री शर्मा ने कहा कि किसानों के कल्याण की दिशा में राज्य सरकार ने अनेक निर्णय लिये हैं। सरकार द्वारा सभी वर्गों के कल्याण के लिए योजनायें संचालित की जा रही हैं। पात्रतानुसार लोग इन योजनाओं का लाभ लें। उन्होंने तेंदूखेड़ा क्षेत्र में विगत वर्षों में व्यापक पैमाने पर कराये गये विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने सड़क, पुल, बिजली, स्वास्थ्य, अधोसंरचना विकास से संबंधित कार्यों के बारे में अवगत कराया।
नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटैल ने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों की समस्याओं के निदान के लिए राज्य, संभाग एवं जिला स्तर पर गन्ना विकास परिषद का गठन किया जाना चाहिये। उन्होंने जिले के गन्ना उत्पादक किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान समय पर हो। गन्ना खरीदी कलेंडर पद्धति से हो। जिले में कृषि आधारित उद्योग लगाये जावें। किसानों के बच्चे स्वयं का रोजगार स्थापित करें। उन्होंने गिरते भू- जल स्तर पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि नदी- नालों पर बोरी- बंधान बनाकर पानी रोका जाना चाहिये। इससे भू- जल स्तर बढ़ेगा और फसलों को पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने इस बारे में जागरूकता बढ़ाये जाने पर जोर दिया।
अपैक्स बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष कैलाश सोनी ने कहा कि पहली बार अटल जी ने किसानों की चिंता की और किसानों के हित में अनेक निर्णय लिये। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और किसान क्रेडिट कार्ड अटल जी की देन है। केन्द्र एवं राज्य सरकार हर हाथ को काम और हर खेत को पानी की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने गौ संरक्षण व संवर्धन पर जोर देते हुए जैविक खेती अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर तक के व्यक्ति के हितों की चिंता कर रही है। सरकार का फोकस गांव, गरीब और किसान पर है।
कार्यक्रमों में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष वीरेन्द्र फौजदार, पूर्व विधायक भैयाराम पटैल एवं अवधेश पटैल ने भी अपने विचार प्रकट किये।
संगोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों ने खरीफ की विभिन्न फसलों की नवीनतम किस्मों और खेती की आधुनिक तकनीकों के संबंध में जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने बताया कि अच्छी उपज के लिए अच्छे बीज का चयन, बीजोपचार, संतुलित मात्रा में उर्वरक का उपयोग करेंगे, तो इससे अधिक उपज होगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष संदीप पटैल एवं उपाध्यक्ष शीला देवी ठाकुर, जनपद पंचायत अध्यक्ष रामवती शंकर पटैल एवं रंजना देवी जूदेव, नगर परिषद तेंदूखेड़ा की अध्यक्ष माया कमलेश पुजारी, जिला पंचायत सदस्य वंदना पटैल एवं संध्या पटैल, मंडी अध्यक्ष यशवंत सिंह जूदेव एवं संतोष रघुवंशी, अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर डॉ. आरआर भोंसले, अपर कलेक्टर जे समीर लकरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन, एसडीएम राजेन्द्र राय व महेश कुमार बमनहा, उप संचालक कृषि सलिल धगट और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
हितग्राहियों को किया लाभांवित
कृषि मंत्री श्री बिसेन ने तेंदूखेड़ा में मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के अंतर्गत दो हितग्राहियों को 4- 4 लाख रूपये के स्वीकृत पत्र और करेली में लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये।
तेंदूखेड़ा में कृषि मंत्री श्री बिसेन ने जानी किसानों की समस्यायें
कृषि मंत्री श्री बिसेन ने तेंदूखेड़ा में किसानों के पास जाकर उनकी समस्यायें जानी। किसानों ने समर्थन मूल्य पर दलहन खरीदी के भुगतान और अन्य समस्याओं के बारे में बताया। श्री बिसेन ने समस्याओं के निराकरण के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि दलहन खरीदी का शेष किसानों को भुगतान दीपावली के पहले कर दिया जायेगा, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। शेष किसानों के खातों में अतिशीघ्र राशि जमा हो जायेगी। दलहन खरीदी में अनियमितता करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। यह सुनिश्चित किया जायेगा कि भविष्य में इस तरह की कोई त्रुटि नहीं हो।





























































