रीवा – (ईपत्रकार.कॉम) |अखिल भारतीय सेवा एवं केन्द्रीय सेवा के अधिकारी आज अपने आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत संभाग के छः दिवसीय दौरे पर रीवा पहुंचे।
प्रशिक्षु अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कमिश्नर एस.के. पॉल ने कहा कि रीवा संभाग के चारों जिले विविधताओं को समेटे हुए हैं। प्रशिक्षु अधिकारी यहां पर्यटन, धार्मिक, रोमांचक स्थलों के निरीक्षण, भ्रमण के साथ ही मैदानी क्षेत्र में शासन की हितग्राहीमूलक व विकास योजनाओं का मौके पर जाकर अध्ययन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि रीवा संभाग में जहां कोयले से बिजली बनाने का उत्पादक सिंगरौली जिला है वहीं रीवा जिले में सौर ऊर्जा से बिजली बनाने का विश्व का सबसे बड़ा संयंत्र स्थापित हो रहा है।
कमिश्नर ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारी केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न सार्वजनिक व हितग्राही मूलक योजनाओं की स्थिति समझने, ग्राम में सामाजिक संरचना एवं क्षेत्र विशेष में संसाधनों की स्थिति एवं उनका लोकहित में उपयोग आदि का मैदानी स्थल पर अध्ययन कर अपने सुझाव देंगे। गांव में आवास, शौचालय निर्माण, स्वच्छता, उज्जवला योजनान्तर्गत गैस कनेक्शन प्रदाय, सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतरगत खाद्यान्न वितरण सहित व्यक्ति मूलक योजनाओं के साथ ही सार्वजनिक विकास के सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा स्वास्थ्य के क्षेत्र का भी प्रशिक्षु अधिकारी अध्ययन कर सुझाव दें व महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की भी स्थिति देखें व अपने सुझाव व कमियों को बतायें।
इस अवसर पर मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने प्रशिक्षु अधिकारियों को आवंटित जिलों में अध्ययन, भ्रमण के लिये शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय सेवा व केन्द्रीय सेवा के 30 अधिकारी आर.सी. व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल के संयोजकत्व में रीवा संभाग के चारों जिलों में समूह के तौर पर अध्ययन भ्रमण करेंगे। कमिश्नर के साथ ब्रीकिंग कार्यक्रम में संयुक्त आयुक्त राकेश शुक्ला, प्रशासन अकादमी के समन्वयक एस.के. सिंह, उप संचालक सतीश निगम, नोडल अधिकारी डॉ. संजय सिंह, जिला ई-गवर्नेस मैनेजर आशीष दुबे, पर्यटक विभाग के श्री परिहार उपस्थित थे।































































