कटनी – ईपत्रकार.कॉम |मध्यप्रदेश शासन द्वारा किसानों के हित के लिये भावांतर भुगतान योजना प्रारंभ की गई है। जिसका असल मायने में लाभ किसानों को मिले, मण्डी प्रशासन इस दिशा में कार्य करे। यह निर्देश मंगलवार को कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने कृषि उपज मण्डी के अधिकारियों और कर्मचारियों को दिये। उन्होने कृषि उपज मण्डी परिसर में दलहनी फसलें क्रय करने वाले व्यापारियों से भी चर्चा की। स्पष्ट लहजे में कलेक्टर ने कहा कि मण्डी प्रशासन यह सुनिश्चत करे कि किसानों को मण्डी में ही उनकी फसलों का पैसा मिल जाये, साथ ही पक्की रसीद भी। अपना मन्तव्य स्पष्ट करते हुये श्री गढ़पाले ने कहा कि भावान्तर भुगतान योजना के तहत किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित के विरुद्व कार्यवाही होगी, यह समझ लें। अपनी फसल बेचनें मण्डी पहुंचने वाले किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिये।
प्रभारी मण्डी सचिव संदीप श्रीवास्तव को मण्डी परिसर में सीसी टीव्ही कैमरे लगवाने के निर्देश भी श्री गढ़पाले ने दिये। उन्होने कहा कि भावान्तर योजना में शामिल दलहनी फसलों को क्रय करने वाले व्यापारियों को योजना का ब्रॉशर उपलब्ध करायें। व्यापारियों से चर्चा करते हुये पचास हजार रुपये तक नगद किसानों को उपज के लिये नगद भुगतान करने की बात भी कलेक्टर ने कही। उन्होने कहा कि उपज की खुली नीलामी पूर्णतः परदर्शिता से हो, मण्डी के अधिकारी और कर्मचारी इसका ध्यान रखें।
मीटिंग में दो टूक शब्दों में कलेक्टर ने कहा कि व्यापारी दलहन उपज खरीदने में सीधे इन्वॉल्व हों। दलाल प्रथा नहीं चलनी चाहिये। हमारा उद्धेश्य व्यवस्था सही बनाकर रखना और किसानों को सही दाम उपलब्ध कराना है।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों सहित संबंधित व्यापारी मौजूद थे। बैंकर्स को भी श्री गढ़पाले ने कैश को लेकर स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होने कहा कि संबंधित व्यापारियों को कैश की प्रॉबलम ना हो, वे अपना पैसा निकाल सकें, यह व्यवस्था सुव्यवस्थित ढंग से करें। ताकि व्यापारी कृषकों को उपार्जन का नगद भुगतान कर पायें।





























































