छिन्दवाड़ा- (ईपत्रकार.कॉम) |केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-एक छिन्दवाड़ा में दो दिवसीय संकुल स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ जिसमें बालाघाट, मलाजखंड, सारणी, सिवनी, पांढुर्णा, चौरई, जामई, बड़कुही और छिन्दवाड़ा के केन्द्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान इन विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई व देश के प्रमुख लोक नृत्यों का एकल व समूह नृत्य में प्रदर्शन भी किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमेन व कलेक्टर श्री जे.के.जैन ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में प्रतियोगिता के दिनों-दिन बढ़ते महत्व को दृष्टिगत रखते हुये विद्यार्थियों की प्रतिभा में निखार लाने के लिये न सिर्फ किताबी अध्ययन आवश्यक है, बल्कि व्यक्त्वि विकास के लिये खेलकूद व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थी की प्रतिभा सामने आती है और उसे उस दिशा में उचित मार्गदर्शन से वह और परिपक्व होता है।
कलेक्टर ने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना व मंच में सहभागिता देना व्यक्ति की संप्रेषण क्षमता व कौशल को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रतिभावान छात्र भी मंच पर हिचकिचाहट महसूस करते है। अत: मंच उनकी घबराहट को दूर करता है और संप्रेषण कौशल में विकास कर उन्हे प्रवीण बनाता है। कलेक्टर ने उत्साहवर्धक व प्रेरणादायी प्रसंगों द्वारा विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुये कहा कि वे मुश्किलों से न घबराये, बल्कि उसका सामना कर जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करें। इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य श्री विनय कुमार गर्ग ने भी संकुल स्तरीय प्रतियोगिता के संबंध में सारगर्भित जानकारी देकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के आब्जर्वर के रूप में सारणी के श्री एच.पी.धारकर विशेष रूप से उपस्थित थे। अतिथियों द्वारा प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई आकर्षक प्रदर्शनियों का अवलोकन किया गया तथा प्रदर्शनियों के संबंध में उनसे चर्चा भी की गई।






























































