प्रत्येक विकासखण्ड से 2-2 गांव का चयन कर किसानों की आमदनी दुगुनी करने का प्रयास करें – कमिश्नर

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होशंगाबाद – ईपत्रकार.कॉम |नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने आज आयोजित संभागीय किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, मत्स्य विभाग, सहकारी विभाग, रेशम विभाग के अधिकारियों की संभागीय समीक्षा बैठक ली। कमिश्नर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बैतूल, हरदा एवं होशंगाबाद के सभी ब्लॉक में 2-2 गांव का चयन करें। इन गांव में किसानों की आमदनी दुगुनी करने का प्रयास करें। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि चयनित गांव में किसानों को कृषि विभाग, उद्यानिकी, रेशम, मत्स्य एवं सहकारी विभाग की योजनाओं का लाभ किसानों को दिलाना सुनिश्चित करें। कमिश्नर ने कहा कि सभी अधिकारी कृषि अभ्यास का मॉडल एवं हर खेत का मॉडल इन ग्रामों में बनाएं। विभिन्न योजनाओं के लिए इन ग्रामों के किसानों को ऋण उपलब्ध कराना, व्यावसायिक एवं उन्नत खेती के लिए प्रशिक्षण दिलाया जाए। इसके अलावा किसानों को भ्रमण भी कराया जाए। कमिश्नर ने कहा कि सभी अधिकारियों का दायित्व है कि वे इन ग्रामों में अच्छे नेतृत्वकर्ता किसानों का चयन करें, बड़े किसानों का चयन करें जो अपनी भूमि पर जैविक खेती एवं उन्नत खेती के लिए प्रयोग कर सके। कमिश्नर ने कहा कि ऐसे किसानों का प्राथमिकता से चिन्हांकन भी किया जाए। श्री उमराव ने गांव के चिन्हित किसानों एवं संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण कराने के लिए निर्देश दिए। बताया गया कि बैतूल मे 10 से 12, हरदा में 6 एवं होशंगाबाद में 10 गांव का चयन मॉडल गांव के रूप में किया जाएगा और इन गांव में सभी आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि यदि हम आज कृषि की ओर देखे तो पता चलेगा कि हमारी कृषि की वेराइटी कम हो रही है, प्रोडेक्शन कास्ट बढ़ रहा है तथा रिस्क कल्चर भी बढ़ रहा है।

कमिश्नर ने सभी संबंधित अधिकारियों को जल संकट की ज्वलंत समस्या से निपटने के लिए अधिक से अधिक खेत तालाब का निर्माण करने के निर्देश दिए। बताया गया कि बैतूल में 62 किसानों का चयन किया गया है जो अपने खेत में तालाब बनाएंगे। बैतूल में 10 तालाब निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है शेष में प्रगति है। हरदा में 20 तालाब निर्माण का कार्य किया जाना हैं। कमिश्नर ने सभी को हिदायत दी कि खेत तालाब का निर्माण 10 जून तक अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि तालाब निर्माण के लिए उन गांव का चयन किया जाए जहां अंडर ग्राउण्ड पानी ना हो। बडे क्षेत्रफल वाला गांव हो, जमीन तालाब के लिए अनुकूल हो ऐसे गांव का चयन कर वहां किसानों की जानकारी भी एकत्रित की जाए और पता लगाया जाए कि वहां पानी की कितनी व्यवस्था है। किसानों को समझाइश दी जाए कि उसके खेत में तालाब का निर्माण होने के बाद उसकी फसल की पैदावार डबल हो जाएगी। कमिश्नर ने सभी अधिकारियो से कहा कि जब वे तालाब निर्माण के लिए किसानों को समझाइश देने के लिए उनके घर पर जाएं तो अपने साथ संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, तहसीलदार या जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अवश्य ले जाएं। श्री उमराव ने कहा कि जिन ग्रामों में रोड बन रही है उन ग्रामों को प्राथमिकता से लेते हुए तालाब का निर्माण किया जाए। रोड़ बनाने वाले इंजीनियर से संपर्क कर उन्हें बताया जाए कि तालाब की मिट्टी का उपयोग आप करें। बदलें में आप तालाब खुदवा दें।

उपसंचालक उद्यानिकी बैतूल ने बताया कि उनके विभाग में बैतूल में काजू, सीताफल, मुनगा, एलोवेरा, सेवंती, मशरूम एवं मधुमक्खी पालन हेतु एरिया चिन्हित कर लिए हैं। आगामी 5 वर्षों में चिन्हित एरिया में इन फलदार पौधों का उत्पादन किया जाएगा।

बैठक में नर्मदापुरम् संभाग के संयुक्त संचालक कृषि श्री बीएल बिलैया, संयुक्त उपायुक्त विकास श्री राजेन्द्र सिंह सहित संभाग के सभी संबंधित अधिकारीगण मौजूद थे।

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