गुना- (ईपत्रकार.कॉम) |कलेक्टर श्री राजेश जैन ने कहा कि स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचने के लिये लोगों को जागरूक किये जाने की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के लक्षणों के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार कर लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने यह बात यहां इन बीमारियों के संबंध में संपन्न हुई जिला अधिकारियों एवं निजी चिकित्सकों की एक बैठक में कही। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कैलाश बानखेडे, अपर कलेक्टर श्री नियाज अहमद खान तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामवीरसिंह रघुवंशी भी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि यह आवश्यक है कि आम लोगों को इन बीमारियों के लक्षणों के बारे में बताया जाये। उन्होंने कहा कि लोगों को बताया जाए कि बच्चों को सर्दी, जुखाम, खांसी होने की दशा में वे बच्चों को स्कूल न भेजें।
कलेक्टर ने निजी चिकित्सकों को निर्देश दिये कि यदि कहीं स्वाइन फ्लू के मरीज पाये जाते हैं, तो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय को अवश्य सूचित किया जाये। इसमें किसी तरह की स्थिति को छुपाया नहीं जाना चाहिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अभी जिले में स्वाइन फ्लू के प्रकरण सामने नहीं आये है। किन्तु इस बीमारी के प्रति ऐहतियात बरतना अवश्यक है। कलेक्टर ने इस बीमारी के बचाव हेतु सरकारी अस्पतालों में समुचित इंतजाम करने के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दवाई की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सूचित की जायें।
कलेक्टर ने डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया से बचाव हेतु लोगों को जागरूक करने हेतु अभियान चलाने के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लोगों को शिक्षित किया जाये कि वे अपने घरों में फालतू रखे डब्बों, घमलों, टायर, बाल्टी और जूतों में पानी न भरने दें। अगर इन में पानी भरा है, तो उसको निकाल दें। हर हफ्ते कूलर का पानी बदल दें। रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तमाल करें। कलेक्टर ने फौगिंग मशीन से मच्छर नाशक दवाई का छिडकाव कराने के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिये। खासकर पिछडी बस्तियों में इस मशीन को चलाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि सावधानी बरतकर इन बीमारियों से बचाव किया जा सकता हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्वाइन फ्लू की जानकारी देते हुये कहा कि लोगों को चाहिए की वे खांसते और छींकते समय मुंह को रूमाल से ढकें, साबुन और पानी से बार -बार हाथ धोयें, यदि वे सर्दी जुखाम से संक्रमित हैं तो अन्य व्यक्ति से कम से कम 1 मीटर की दूरी बना कर रखें, हाथ मिलाने और गले मिलने से बचें, संक्रमित व्यक्ति के द्वारा उपयोग किये गये टिश्यू, रूमाल, तौंलिए, वस्त्र आदि का उपयोग न करें,यदि सर्दी जुखाम के लक्षण हैं, तो तुंरत चिकित्सयीय सलाह लें तथा हाथ धोये बिना आंख, नाक और मुंह को न छुऐं।





























































