हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ दूसरों के मानव अधिकारों की रक्षा करनी चाहिये:- डॉ. जैन

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टीकमगढ़- (ईपत्रकार.कॉम) |म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अरूण कुमार शर्मा के मार्ग दर्शन में बुधवार शाम म.प्र. मानव अधिकार स्थापना दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस संगोष्ठी में डॉ. सुभाष जैन ने मानव अधिकारों पर अपने विचार व्यक्त किये हुये कहा कि यदि मानव मे अंहिसा का गुण होता है तो उसमें दया, बंधुता, प्रेम, दूसरों की मदद करना आदि विचार स्वतः आ जाते है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म के साथ अपराधी नहीं होता बल्कि परिस्थितियां दूसरों के मानव अधिकारों के हनन को प्रेरित करती है। हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ दूसरों के मानव अधिकारों की रक्षा करनी चाहिये। संगोष्ठी में शासकीय पीजी कॉलेज के प्राचार्य श्री एमके अवस्थी ने मानव अधिकार के संरक्षण में अपने उद्वोधन में बताया कि मानव अधिकार के संरक्षण से श्रेष्ठतम कोई विचारधारा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र के लोग नैतिक है तो वह लोकतंत्र है, यदि अनैतिक है तो वह वस्तुतंत्र है। यदि न्याय पाने में विलंब होता है तो वह न्याय नहीं है। पीजी कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. रजनी तिवारी ने मानव अधिकार की प्राकृतिक विचारधारा को बताते हुये कहा कि भारतीय परम्परा बसुन्धैव कुटुम्बकम की धारणा मानती है। शासकीय अभिभाषक श्री अशोक गोयल ने कहा कि प्रचीन समय में सतीप्रथा, बहुविवाह, बंधुआप्रथा एवं दहेज प्रथा इत्यादि कुरूतियां फैली हुयी थी, जिसको मानव अधिकारों का संरक्षण करते हुये अधिनियम बनाकर दूर किया गया।

संगोष्ठी में उपस्थित अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री आरएस तोमर ने कहा कि आज सभी लोग केवल अपने अधिकारों के पीछे जा रहे, उन्हें अपने कर्तव्य का पालन भी करना चाहिये। उन्होंने कहा कि महाजन अर्थात चरित्रवान लोग जहां जाते है वहीं रास्ते बन जाते है।

संगोष्ठी के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुये न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री आरपी कतरौलिया ने कहा कि दण्डात्मक कानून कितने ही बन जाये जब तक हमारे विचारों में बदलाव नहीं होगा तब तक हम मानव अधिकारों का उचित संरक्षण नहीं कर सकते।

संगोष्ठी में न्यायाधीश श्री परमानंद चोहान, श्री अमर सिंह सिसौदिया, श्री राधाकृष्ण यादव, प्रोफेसर श्री डॉ. उषा सिंह, अधिवक्ताओं में श्री पीएन तिवारी, श्री गोविन्द्र सिंह सिसौदिया, श्रीमती भारती झां, सहित बड़ी संख्या में पैरालीगल वॉलेंटियर्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री बृजेश पटेल द्वारा किया गया।

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