कटनी – (ईपत्रकार.कॉम) |मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार बुजुर्गों को मजबूर नहीं रहने देगी। उनकी सुरक्षा और सेवा के सभी जरूरी कार्य किये जाएंगे। इसके लिये नई योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों, कस्बों और बड़े गाँवों में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की जानकारी संकलित कर उसे सूचीबद्ध किया जाएगा ताकि उनकी सेवा और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हो सकें। बुजुर्गों की मदद के लिये हेल्प लाइन भी बनायी जाएगी, शासकीय कार्यक्रमों में कन्या पूजन के साथ ही क्षेत्र के सबसे बुजुर्ग का सम्मान भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री निवास में शीघ्र ही वृद्धजन पंचायत भी होगी। श्री चौहान आज भोपाल में प्रशासन अकादमी में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की ””सिंगल क्लिक से वितरण योजना”” का शुभारंभ भी किया। कटनी में भी जिले के हितग्राही एनआईसी के वीसी रुम से ऑनलाईन वीसी के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुये। साथ ही मुख्यमंत्री के संबोधन सहित पूरे कार्यक्रम को ऑनलाईव देखा भी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिंगल क्लिक पेंशन वितरण योजना की सराहना करते हुए कहा कि इसे और बेहतर बनाने के प्रयास किये जाए। तकनीक का इस्तेमाल मानवीय संवेदनाओं के साथ हो। बुजुर्गों के खातों में तत्काल राशि पहुँचाने की व्यवस्था की पूरी सफलता तभी है, जब बैंक के खाते में पेंशन पहुँचने के दो से तीन दिनों के भीतर राशि वृद्धजन के हाथों में पहुँच जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि पंचायत, पोस्ट ऑफिस और बैंक संयुक्त रूप से विचार कर, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सबसे पहले बुजुर्गों के साथ है। उम्र के साथ होने वाले बदलावों के साथ भी जीवन आनंद, प्रसन्नता और खुशी के साथ जिया जाए। समाज में बुजुर्गों का सम्मान बना रहे। इसके लिये समाज को आगे आना होगा। सरकार इसमें पूरा सहयोग करेगी।
श्री चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति बुजुर्गों के सम्मान पर आधारित है। आश्रम व्यवस्था के माध्यम से पूरा समाज लाभान्वित होता था। ओल्ड एज होम पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव का परिचायक है। उन्होंने कहा कि जमाना बदल रहा है। आज के माँ-बाप एक-डेढ़ वर्ष की आयु के शिशुओं को भी झूला घर में छोड़ रहे हैं। ऐसे बच्चे माँ-बाप को वृद्धाश्रम में छोड़ेंगे कि नहीं, इस पर समाज को चिंतन करना होगा। दादा-दादी परिवार के साथ रहने चाहिए, इसे समझना होगा। श्री चौहान ने अपने बचपन का स्मरण किया। अपनी दादी के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि संयुक्त परिवार में बच्चों के लालन-पालन में दादी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती थी। परिवार के सभी महत्वपूर्ण निर्णय परिवार के बुजुर्गों द्वारा ही लिये जाते थे।
इस दौरान कलेक्टर विशेष गढ़पाले, जिला पंचायत सीईओ फ्रेंक नोबल ए, उपसंचालक सामाजिक न्याय दीपक सिंह, सामाजिक न्याय विभाग भरत चौबे सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी वीसी के माध्यम से शामिल हुये।



























































