इस किले को देखने के लिए पार करना पड़ता है खतरनाक पहाड़

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भारत में घूमने के लिए बहुत-सी कुदरती और ऐतिसाहिक जगहें हैं। जिनको देखने के लिए देश और दुनिया से लोग यहां आते हैं। कुछ इमारतें तो ऐसी हैं जिनके बारे में जानकर हम हैरान रह जाते हैं। आज हम जिस इमारक की बात कर रहे हैं वो खूबसूरती के मामले में तो सबसे अलग है ही लेकिन इसका सफर भी बेहद खरतनाक है। दरअसल यह किला पहाड़ की चोटी पर बना है और यहां तक पहुंचने के लिए बहुत से घुमावदार मोड़ आते हैं और इसकी ऊंचाई भी 90 डिग्री है जो सफर को बहुत रोमांचित बना देती है।

हर्षगढ़ या हरिहर किले के नाम से जानी जाती यह जगह महाराष्ट्र के नासिक में कसारा नाम के इलाके से भी 60 कि.मी की दूरी बन है। इसकी चढाई को पर्वतारोही भी रोमांचित और खतरनाक मानते हैं। यह किला जमीन से 170 मीटर की ऊंचाई पर बना है। देखने मेें यह किला चौकोर दिखाई देता है लेकिन कुदरती तौर पर इसकी बनावट किसी प्रिज्म की तरह है।

इस किले की खूबसूरती को देखने के लिए लोग दूर-दूर से यहां आते हैं। इस पर चढने के लिए 117 सीढियां है जो पहाड से होकर गुजरती हैं। कुछ सीढियां चढने के बाद एक महादरवाजा आता है जो अब भी अच्छी स्थिति में है। इस रोमांचकारी और खतरनाक रास्ते को पार करने के लिए दो दिन का समय लगता है। इस पहाड़ी सफर को स्कॉटिश भी कहा जाता है। इसका यह नाम पड़ने के पीछे की वजह यह है कि 1986 में इस पहाड़ पर सबसे पहले डग स्कॉट (पर्वतारोही) ने ट्रैकिंग की थी,उसी के नाम से इस पहाड का नाम पड़ गया।