जगदलपुर-भुवनेश्वर एक्सप्रेस हादसा: रेल पटरी से छेड़छाड़ की आशंका,32 की मौत

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आंध्र प्रदेश के विजियानगरम जिले में जगदलपुर-भुवनेश्वर एक्सप्रेस के नौ डिब्बों के पटरी से उतर जाने से कम से कम 32 यात्रियों की मौत हो गई और करीब 100 अन्य घायल हो गए। रेलवे ने इस दुर्घटना के पीछे साजिश का संदेह जताया है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई यात्रियों के ट्रेन के क्षतिग्रस्त डिब्बों में फंसे होने का संदेह है। यह दुर्घटना कल रात करीब 11 बजे हुई जब ट्रेन जगदलपुर से भुवनेश्वर जा रही थी। पूर्व तट रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी जे.पी मिश्रा ने बताया कि कुनेरू स्टेशन के समीप ट्रेन के नौ डिब्बे और इंजन पटरी से उतर गए।

मिश्रा ने बताया कि मौके पर पहुंचे डॉक्टरों के एक दल ने अब तक 32 व्यक्तियों की मृत्यु होने की पुष्टि की है। रेलवे को संदेह है कि कुनेरू स्टेशन के पास रेल पटरी से छेड़छाड़ किए जाने के चलते ट्रेन पटरी से उतरी। सूत्रों ने कहा, ‘‘रेल पटरी से छेड़छाड़ होने के मजबूत संकेत हैं क्योंकि यह क्षेत्र नक्सली खतरे वाले क्षेत्र के तौर पर जाना जाता है और चूंकि गणतंत्र दिवस भी नजदीक है। षड्यंत्र होने से इनकार नहीं किया जा सकता।’’

ट्रेन शाम 3 बजे जगदलपुर से राजधानी भुवनेश्वर के लिए निकली थी और देर रात ओडिशा के रायगढ़ से 35 किलोमीटर दूर विजयनगरम के कुनेरू स्टेशन के पास दुघटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में ट्रेन के इंजन के अलावा 1 लगेज वैन, 2 जनरल बोगी, 2 स्लीपर डिब्बे और 1 थर्ड एसी और 1 सेकेंड एसी कोच पटरी से उतर गया। जिस जगह यह हादसा हुआ वह आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा के पास है और माओवाद प्रभावित बताया जाता है।

वहीं रायगढ़ा के सब-कलेक्टर मुरलीधर ने बताया, ‘घटना स्थल पर राहत और बचाव का काम जारी है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडु ने हादसे पर दुख जताया है। हादसे में मरने वालों को 2 लाख और गंभीर रुप से घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजे का ऐलान किया गया है। रेल मंत्रालय ने इस बाबत ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि कुल चार राहत वैन घटनास्थल पर भेजे गए हैं। घायल यात्रियों का नजदीकी अस्पताल में उपचार चल रहा है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु पल-पल की खबर ले रहे हैं।