सिंहस्थ आयोजन ने पूरी दुनिया पर छाप छोड़ी

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास में आज सिंहस्थ सेवा सम्मान पुरस्कारों का वितरण किया। उन्होंने सिंहस्थ कार्यों से जुड़े राजनेता और अधिकारियों सहित कुल 174 व्यक्तियों का मंच पर सम्मान कर सभी को सिंहस्थ मेडल प्रदान किये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सिंहस्थ 2016 के आयोजन की छाप पूरी दुनिया में है। उसकी सर्वत्र सराहना होती है। इसका पूरा श्रेय राजनैतिक नेतृत्व से लेकर छोटे-बड़े सभी अधिकारी, कर्मचारियों को है। जिसे जो भी काम सौंपा गया, उसने पूरी क्षमता और दक्षता से बेहतर से बेहतर परिणाम दिया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2016 का आयोजन अदभुत था। इसमें अनुमानित 5 करोड़ श्रद्धालुओं की तुलना में 8 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन की व्यवस्थाएँ अदभुत और उत्कृष्ट रहीं। उन्होंने आयोजन की विभिन्न चुनौतियों का उल्लेख किया। आयोजन की सफलता का कारण बताते हुए कहा कि ऐसा इसलिये हुआ, क्योंकि टीम के हर सदस्य ने उत्कृष्ट कार्य किया। उन्होंने प्राकृतिक आपदा की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जितनी तेजी से व्यवस्थाओं को सुचारू बनाया गया, वह अदभुत था। उज्जैन में बुनियादी सुविधाओं का जो ढाँचा खड़ा किया गया, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों की सामाजिक स्वीकार्यता जरूरी है। सरकार के इसी भाव को प्रतिबिंबित करने के लिये इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

नर्मदा सेवा यात्रा में उल्लेखनीय योगदान वाले भी सम्मानित होंगे

श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया जायेगा। श्री चौहान ने विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले को सम्मानित करने की भी जरूरत बताई। उन्होंने टीम मध्यप्रदेश का आव्हान किया कि इसी समर्पण और सेवाभाव से कार्य करते हुए प्रदेश को दुनिया का अव्वल राज्य बनाना है।

नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि दुनिया ने सेवा समर्पण, आस्था और धर्म का अदभुत संगम सिंहस्थ 2016 में देखा। प्रदेश का मुखिया कार्यकर्ता के रूप में सहयोग करता है तो आपदा पर भी जीत हासिल की जा सकती है। सिंहस्थ के सफल आयोजन ने यह दिखाया है। उन्होंने सभी सम्मानितों को हार्दिक बधाई दी।

इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह और पूर्व मुख्य सचिव श्री अंटोनी डि सा, सिंहस्थ केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष श्री माखन सिंह और श्री दिवाकर नातू भी मौजूद थे।