अफगानिस्तान में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण :रूस

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रूस ने अफगानिस्तान में विकास संबंधी भारत की केन्द्रीय भूूमिका की बुधवार को सराहना करते हुए कहा कि दोनों देश आतंकवाद ग्रस्त इस देश की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं तथा इस अहम मसले पर निकट समन्वय से प्रयास कर रहे हैं। रूस के विदेश उप मंत्री सर्गे रियाबकोव ने कहा,‘हम अफगानिस्तान में भारत की केन्द्रीय भूमिका को अच्छी तरह से समझते हैं। हम चाहते हैं कि भारत और भारतीय प्रतिनिधि हर प्रकार से अफगानिस्तान के मामले में सक्रिय रहें।’

रूस का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उपहास किया और भारतीय सहायता से निर्मित अफगानिस्तान की संसद की इमारत को पुस्तकालय कह कर पुकारा। सवालों के जवाब में रियाबकोव ने कहा कि विकास के लिए सहयोग अफगानिस्तान जैसे संघर्षग्रस्त देशों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सहयोग होता है।

उन्होंने कहा कि युद्ध तो जीते जा सकते हैं लेकिन शांति तब तक नहीं आ सकती जब तक विकास एवं शिक्षा पर ठोस निवेश नहीं किया जाए। इस हिसाब से अफगानिस्तान में भारत और उस जैसे अन्य देशों के प्रयासों की अनदेखी नहीं की जा सकती है जो विकास के मामले में सहयोग दे रहे हैं। ट्रंप ने कहा हाल ही में कहा था कि भारत, रूस और पाकिस्तान को अफगानिस्तान में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ना कि वहां से छह हजार किलोमीटर दूर स्थित अमरीका को। उन्होंने मोदी का उपहास करते हुए कहा कि मोदी ने उन्हें बताया है कि भारत ने अफगानिस्तान में एक ‘पुस्तकालय’ बनाया है।

रियाबकोव ने कहा कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर भारत जोर देता आया है और रूस को लगता है कि इसे लेकर बहुत ज्यादा प्रतिर्स्पद्धा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तालिबान के साथ बातचीत का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में सभी पक्षकारों को निकटता से काम करने एवं समस्या का राजनीतिक समाधान निकालने की जरूरत है। रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के मोदी को आमंत्रित किए जाने को लेकर विवाद पर उन्होंने सफाई दी कि यह निमंत्रण व्यक्ति को नहीं बल्कि भारतीय प्रधानमंत्री को दिया गया है। भारत के आंतरिक मामलों में रूस हस्तक्षेप नहीं करता है।

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