नई दिल्ली: दिल्ली में आम आदमी पार्टी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब चुनाव आयोग की तरफ से आप पार्टी को कभी भी झटका लग सकता है।
दरअसल, ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ मामले में फंसे आप के 21 विधायकों पर चुनाव आयोग कभी भी अपना निर्णय सुना सकता है। ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों के खिलाफ याचिका डालने वाले वकील प्रशांत पटेल ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि चुनाव आयोग ने इस मामलें में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। प्रशांत की मानें तो अगले सप्ताह या फिर उसके कुछ समय बाद निर्णय आ सकता है।
प्रशांत पटेल ने 21 विधायकों के शिकायत दर्ज कराई आपको बतां दे कि आम आदमी पार्टी ने 13 मार्च 2015 को अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया था। इसी साल 19 जून को एडवोकेट प्रशांत पटेल ने राष्ट्रपति के पास इन सचिवों की सदस्यता रद्द करने के लिए आवेदन किया। राष्ट्रपति की ओर से 22 जून को यह शिकायत चुनाव आयोग में भेज दी गई। इसके बाद चुनाव आयोग इस पर सुनवाई कर रहा है। शिकायत में कहा गया था कि यह लाभ का पद है इसलिए आप विधायकों की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।


































































