धूप में छांव की तलाश….

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धूप में छांव की तलाश किया करो, 

शहर में गांव की तलाश किया करो ||

जिंदगी में रोज रोज रोने से कुछ नहीं होगा हासिल,
 
अनदिखे घाव की तलाश किया करो ||

बहुत पहले, जो तुम निशाँ कहीं छोड़ आएं,

अब उन्हीं निशां के पाँव की तलाश किया करो ||

उसकी उल्फत खरीदना है अगर तुमें ,

जाओ पहले उसके भाव की तलाश तो करो ||

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