हल्के में न लें कोई भी दर्द हो सकता है हार्ट अटैक

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हार्ट अटैक से मरने वाले करीब एक तिहाई मरीजों को तो यह पता ही नहीं होता कि वे हृदय रोगी हैं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। इसके लिए जिम्मेदार एक बड़ा कारण यह है कि पहले आए हार्ट अटैक को मरीज जान ही नहीं पाते हैं। ऐसा हार्ट अटैक, जिसके लक्षण अस्पष्ट हों या जिनका पता ही न चले, उसे साइलेंट हार्ट अटैक कहते हैं।

साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण :

…इसलिए पड़ता है हार्ट अटैक
दिल का दौरा इसलिए पड़ता है क्योंकि दिल तक खून पहुंचाने वाली किसी एक या एक से अधिक धमनियों में जमे वसा के थक्के के कारण रुकावट आ जाती है। थक्के के कारण खून का प्रवाह रुक जाता है। खून नहीं मिलने से दिल की मांस पेशियों में ऑक्सिजन की कमी हो जाती है। यदि जल्दी ही खून का प्रवाह ठीक नहीं किया जाए तो दिल की मांसपेशियों की गति रुक जाती है। अधिकांश दिल के दौरे में मौत थक्के के फट जाने से होती है।

सीने में असहजता
सीने में असहजता होना हार्ट अटैक का पहला संभावित लक्षण है। इस दौरान असहजता अथवा दर्द की शिकायत हो सकती है। इसके साथ ही सीने के केंद्र में कुछ मिनट तक तेज दबाव या जकड़न का भी अहसास हो सकता है।

सांस उखड़ना
आपको सांस उखड़ने की शिकायत हो सकती है, साथ ही आप गहरी सांसे लेने लगते हैं। यह परिस्थिति आमतौर पर छाती में असहजता से पहले हो सकती है। यह भी संभव है कि आपको सीने में किसी भी प्रकार की असहजता का अहसास न हो।

ऊपरी हिस्सों में दर्द
दर्द और असहजता की यह स्थिति छाती से लेकर आपके कंधों, बाजुओं, कमर, गर्दन, दांतों या जबड़ों तक पहुंच सकती है। इतना ही नहीं आपके शरीर के ऊपरी हिस्से में यह दर्द सीने में बिना किसी असहजता के भी हो सकती है।

पसीना आना
संभव है कि आपको बिना किसी कारण के बहुत अधिक पसीना आने लग जाए। साथ ही आपको ठंड भी लग सकती है। आपकी त्वचा चिपचिपी हो सकती है। हो सकता है कि आपको उल्टी का अहसास भी हो।

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