जियो ने भारती एयरटेल को दिया ‘तगड़ा’ झटका

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देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल का तीसरे क्वॉर्टर में नेट प्रॉफिट 55 पर्सेंट गिरा है। मार्केट में पिछले वर्ष के अंत में उतरी रिलायंस जियो इंफोकॉम की फ्री सर्विसेज के कारण एयरटेल के वॉइस और डेटा बिजनस पर बड़ा असर पड़ा है। एयरटेल और जियो के बीच कड़ी टैरिफ वॉर चल रही है और इससे एयरटेल के रेवेन्यू में भी कंपनी का आईपीओ आने के बाद से पहली बार कमी दर्ज की गई है।

दिसंबर में समाप्त हुए क्वॉर्टर में एयरटेल का नेट प्रॉफिट 504 करोड़ रुपये रहा। यह ईटी की ओर से कराए गए ऐनालिस्ट्स के पोल के लगभग 965 करोड़ रुपये के औसत अनुमान से काफी कम है। डेटा और वॉइस रेट्स गिरने के साथ ही बहुत से सब्सक्राइबर्स के ऑपरेटर बदलने की वजह से एयरटेल का रेवेन्यू 3 पर्सेंट घटकर 23,336 करोड़ रुपये रह गया। दिसंबर क्वॉर्टर के अंत में एयरटेल के पास भारत, दक्षिण एशिया और अफ्रीका में लगभग 36.5 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे।

कंपनी के कुल रेवेन्यू में भारतीय बिजनस की हिस्सेदारी 77 पर्सेंट से अधिक की है। कंपनी के पास देश में करीब 26.6 करोड़ मोबाइल सब्सक्राइबर्स हैं। एयरटेल के एमडी और सीईओ, गोपाल विट्टल ने कहा, ‘दिसंबर क्वॉर्टर में एक नए ऑपरेटर की ओर से आक्रामक प्राइसिंग के चलते मुश्किल हुई है। इंडस्ट्री के लिए रेवेन्यू और मार्जिन पर प्रेशर बढ़ गया है। इससे सेक्टर की फाइनैंशल पोजिशन पर गंभीर असर पड़ रहा है।’

हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने बताया कि एयरटेल का रेवेन्यू मार्केट शेयर 33 पर्सेंट के साथ अभी तक के उच्च स्तर पर रहा। बीएसई पर मंगलवार को एयरटेल का शेयर 1 पर्सेंट गिरकर 316.20 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी ने शेयर बाजार में ट्रेडिंग का समय बंद होने के बाद रिजल्ट की घोषणा की। देश के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी की कंपनी जियो ने फ्री वॉइस और डेटा ऑफर के साथ पिछले वर्ष सितंबर में अपने कमर्शल ऑपरेशंस की शुरुआत की थी।

इसके बाद भारती एयरटेल सहित इसके अन्य प्रतिद्वंद्वियों को भी डेटा रेट्स घटाने और कुछ प्लान पर फ्री वॉइस कॉलिंग की पेशकश करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। टेलिकॉम कंपनियों ने जियो के लॉन्च से पहले ही टैरिफ में कमी करनी शुरू कर दी थी। इससे इनके रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) और एवरेज रेवेन्यू पर मिनट (ARPM) जैसे ऑपरेशनल आंकड़ों को चोट पहुंची है। दिसंबर क्वॉर्टर में एयरटेल का वॉइस और डेटा का संयुक्त ARPU 8.4 पर्सेंट गिरा है।

डेटा रेट्स में कमी करने के बावजूद कंपनी का डेटा कस्टमर बेस 12.4 पर्सेंट कम हो गया। इससे क्वॉर्टर-दर-क्वॉर्टर आधार पर डेटा यूसेज में 3.5 पर्सेंट की गिरावट आई है। एयरटेल के भारत में मोबाइल से रेवेन्यू में अब डेटा की हिस्सेदारी 22.8 पर्सेंट की है, जो इससे पिछले क्वॉर्टर में 24.7 पर्सेंट की थी।

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