प्यार होते ही लड़कियों की बॉडी लैंग्वेज ऐसे बदल जाती है

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बॉडी लैंग्वेज में मुद्राएं, स्पर्श, बॉडी मूवमेंट, देखना और मुख मुद्राएं आती हैं। ऐसा माना जाता है कि कम्युनिकेशन का 93 प्रतिशत बॉडी लैंग्वेज के जरिए और शेष 7 प्रतिशत शब्दों के जरिए संप्रेषित होता है। रोचक तथ्य यह है कि मां के गर्भ में ही बच्चे की बॉडी लैंग्वेज आकार लेती है।

हर इंसान की अपनी अलग शारीरिक भाषा यानी बॉडी लैंग्वेज होती है। शोधकर्ताओं ने स्‍त्री-पुरुष की भाव-भंगिमाओं को लेकर कुछ ठोस निष्‍कर्ष निकाले हैं। एक-दूसरे से प्‍यार और ‘संबंध’ बनाने को इच्‍छुक लोगों की बॉडी लैंग्‍वेज के बारे में कुछ तथ्‍य इस प्रकार हैं। बॉडी लैंग्‍वेज में आते है ये बदलाव….

प्‍यार के आगोश में पड़ने वाले व्‍यक्ति के चेहरे के उस हिस्‍से में कसावट आ जाती है, जो आमतौर पर थोड़ा फूला होता है। ऐसी स्थिति में आंखों में थोड़ी सिकुड़न भी आ जाती है। प्‍यार की चाह वाली अवस्‍था में शरीर का ढीलापन गायब हो जाता है। सीना थोड़ा बाहर की ओर निकल जाता है, साथ ही पेट थोड़ा अंदर की ओर धंस जाता है।