मुस्लिमों पर कलंक है ट्रंप का शासकीय आदेश

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शासकीय आदेश मुस्लिमों पर कलंक है। सात मुस्लिम राष्ट्रों के नागरिकों की यात्रा पर लगाए गए इस प्रतिबंध ने अमेरिकी मुस्लिमों को ‘उल्लेखनीय रूप से नुकसान’ पहुंचाया है। समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले आधा दर्जन से अधिक समूहों ने अपीलीय कोर्ट के समक्ष रखे अपने पक्ष में ये दलीलें दीं हैं। उन्होंने इस ‘असंवैधानिक’ आदेश को रद करने का अनुरोध किया है।

समूहों ने अमेरिकी सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स (नौवीं) से कहा, ‘शासकीय आदेश असंवैधानिक है। यह मुस्लिमों के अधिकारों का उल्लंघन करता है। इससे अमेरिकी मुस्लिम समुदाय और मुस्लिम पेशेवरों को विशेष तौर पर नुकसान पहुंच रहा है।’ उन्होंने अदालत से कहा, यह अमेरिका में मुस्लिमों के अपने पेशे से संबंधित काम करने की क्षमता को खतरे में डालता है। यह उन अमेरिकी मुस्लिमों में खौफ पैदा करता है जो विदेश में रहते हैं, यात्रा करते हैं या जिनके परिवार विदेश में रहते हैं। यह मुस्लिमों पर कलंक लगाता है।

इस आदेश को खारिज करने की मांग करते हुए समूहों ने कहा कि अमेरिकी मुसलमानों को कलंक के रूप में अतिरिक्त क्षति का सामना करना पड़ रहा है। यह कलंक समुदाय से जुड़ा, गलत और अतार्किक है। जानबूझकर और झूठे दोषारोपण कर मुस्लिमों की छवि को आतंकी के रूप में पेश किया जा रहा है।

समूहों में मुस्लिम एडवोकेट्स, अमेरिकन मुस्लिम हेल्थ प्रोफेशनल्स, काउंसिल फॉर द एडवांसमेंट ऑफ मुस्लिम प्रोफेशनल्स, इस्लामिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका, मुस्लिम अर्बन प्रोफेशनल्स, नेशनल अरब अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन और नेटवर्क ऑफ अरब अमेरिकन प्रोफेशनल्स शामिल हैं।