सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकरण करने का एक सशक्त माध्यम है लोक अदालत

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 बड़वानी – (ईपत्रकार.कॉम) |न्यायालय में चलने वाले प्रकरणो का सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकरण करने का एक सशक्त माध्यम है लोक अदालत। लोक अदालत में प्रकरणो का निराकरण होने से दोनो पक्षो की जीत होती है तथा वे कानून की लंबी प्रक्रिया से छूट कर अपना जीवन सौहाद्रपूर्ण तरीके से जी सकते है।

शनिवार को नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए उक्त विचार जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे द्वारा व्यक्त किये गये। इस अवसर पर कलेक्टर श्री तेजस्वी एस नायक, पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत खरे, विशेष न्यायाधीश श्री अखिलेश जोशी, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश श्री अजय कुमार सिंह, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश श्री समीर कुलश्रेष्ठ, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आरएस सीनम, जिला विधिक सहायता अधिकारी रेखा द्विवेदी, सहायक अभियोजन अधिकारी कीर्ति चौहान सहित बड़ी संख्या में अभिभाषक, पक्षकार उपस्थित थे।

नेशनल लोक अदालत में बड़वानी परिवार परामर्श केन्द्र के 4 प्रकरण में सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकरण कराया गया। इसके तहत जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे के समक्ष 4 जोडो ने आपसी मन-मुटाव को जहां गुलाब का फूल एक-दूसरे को देकर अपने मतभेद दूर किये वही सभी ने न्यायाधीशो की उपस्थित में पुनः एक दूसरे को माला पहनाकर नये सिरे से जीवन जीने का प्रण भी किया।

शंका के कारण अलग हुए दो दम्पत्ति पुनः हुए एक
नेशनल लोक अदालत में शंका के कारण अलग हुए दो अलग-अलग दम्पत्ति को पुनः मिलाने में सफलता प्राप्त की है। इस प्रकरण के तहत ग्राम रानीपुरा निवासी श्री रितेश ने परिवार परामर्श केन्द्र बड़वानी में आवेदन देकर बताया था कि उनकी पत्नि श्रीमती रोशनी उन्हे छोड़कर अपने मायके चली गई है, पत्नि को बुलाने पर आपसी विवाद का कारण जानने पर पाया गया कि दोनो के बीच शंका के कारण विवाद हुआ है।

इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में बड़वानी निवासी श्रीमती ममता पति अमृत ने परिवार परामर्श केन्द्र में आवेदन देकर बताया कि उनके पति उन्हे हमेशा बात-बात पर ताने मारते है, एवं उनके चरित्र पर शंका करते है जिसके कारण उन दोनो के बीच हमेशा विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। पति और पत्नि की बुलाकर काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग करने पर पाया कि दोनो के बीच शंका के कारण विवाद हुआ है।

लोक अदालत में न्यायाधीशो के समझाने पर दोनो जोड़े के पति-पत्नि ने सहमति दी कि वे अब एक दूसरे पर शंका नही करेंगे, तथा पति-पत्नि के रिश्ते में विश्वास बनाकर एक साथ रहेंगे। इस दौरान दोनो जोड़े के पति-पत्नि ने विश्वास दिलाया कि वह अब एक दूसरे पर शंका नही करेंगे। वही पति-पत्नि ने भी विश्वास दिलाया कि वह समझौता रूपी मिले पौधे को बड़ा करेंगे और अपने विश्वास को पौधो की तरह मजबूती प्रदान करेंगे।

पति ने कहा शराब छोड़ दूंगा व करूंगा परिवार की अच्छी परवरिश
नेशनल लोक अदालत में परिवारिक विवाद से अलग हुए दो अलग-अलग पति-पत्नि को पुनः मिलाने में सफलता प्राप्त की है। इस प्रकरण के तहत ग्राम केसरपुरा निवासी श्रीमति ललीता ने परिवार परामर्श केन्द्र बड़वानी में आवेदन देकर बताया था कि उनके पति शराब पीकर उनके साथ मारपीट करता है तथा घर परिवार की जिम्मेदारी का निर्वहन भी नही करता है।

इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में ग्राम छोटी कसरावद निवासी श्रीमती रीना पति प्रभुलाल ने परिवार परामर्श केन्द्र में आवेदन देकर बताया कि उनके पति ने शराब की लत के कारण वे परेशान होकर अपने मायके चली गई है, परन्तु वे चाहती है कि उनके पति को बुलाकर समझाईश दी जाये कि वे अपनी इस बुरी लत को छोड़कर अपने पारिवारिक दायित्वो का निर्वहन करे।

न्यायाधीशो के समझाने पर जहां दोनो जोड़ो की पत्नियो ने ससुराल जाने के लिए अपनी सहमति दी वही दोनो जोड़े के पति ने भी कहा कि वे शराब की लत को छोड़ देंगे तथा अपने बच्चो व परिवार का निर्वहन अच्छे से करेंगे। इस पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे ने दोनो दम्पत्तियो को आर्शीवाद रूपी पौधा देकर नवजीवन की शुभकामनाएं दी।

सभी प्रकरणो में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे, कलेक्टर श्री तेजस्वी एस नायक, पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत खरे, जिला रजिस्ट्रार एवं न्यायाधीश श्री संजय गुप्ता, जिला विधिक सेवा अधिकारी रेखा द्विवेदी, एएसआई श्रीमती रेखा यादव, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री पीके मुकाती तथा महिला कॉउंसलर सुश्री अनिता चोयल एवं आरक्षक श्रीमती आशा डुडवे ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।