स्नेह और प्रेम मानवता के मूल हैं।-मुख्यमंत्री श्री चौहान

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि स्नेह और प्रेम मानवता के मूल हैं। एक दूसरे को सुखी बनाने का प्रयास करते हुए, प्रेम का साम्राज्य कायम करें। श्री चौहान यहाँ कैथौलिक बिशप सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आनंद की अनुभूति जीवन का आधार है। धन-दौलत, पद-प्रतिष्ठा आनंद के आधार नहीं है। दूसरे का दु:ख दूर कर, प्यासे को पानी पिलाकर और निरक्षर को साक्षर बनाकर आनंद मिलता है। इसलिये राज्य सरकार ने आनंदम कार्यक्रम शुरू किया है। आवश्यकता से अधिक जो वस्तुएँ हैं, उन्हें वहाँ रखा जा सकता है। जरूरतमंद उसे वहाँ से प्राप्त कर लेते हैं। इससे दान देने और जरूरत पूरी होने का पारस्परिक आनंद मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार का क्षेत्र चेतना के विस्तार पर आधारित है। भारतीय संस्कृति में समस्त प्राणियों को एक परिवार माना गया है। नदियाँ, पर्वत भी हमारा परिवार है। नदियाँ रहेंगी, तो संस्कृति रहेगी। इसी भाव से नर्मदा नदी संरक्षण का जन अभियान प्रदेश में संचालित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धरती पर पैदा होने वाले प्रत्येक व्यक्ति को भूमि-स्वामी कानून बनाया जा रहा है। धन के अभाव में प्रतिभा की प्रगति रूके नहीं, इसके लिए प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश पाने वाले मेधावी विद्यार्थियों की फीस राज्य सरकार भरवायेगी, ऐसी योजना बनाई है। गरीबों को एक रूपये किलो गेहूँ, चावल और नमक भी उपलब्ध करवाया गया है।

आर्क बिशप मुम्बई, श्री ओसवाल्ड ग्रेसियस ने सम्मेलन की रूपरेखा बताई। 29वें सम्मेलन में 130 बिशप शामिल हुए हैं। सम्मेलन में परिवारों में आनंद का विस्तार पर चिंतन किया जा रहा है। यह चिंतन कैथोलिक परिवारों के साथ ही संपूर्ण समाज की उन्नति में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश का शांतिपूर्ण प्रदेश बना है। प्रदेश में बहुत विकास हुआ है। उन्होंने प्रदेश के तेजी से शांति और विकास पथ पर अग्रसर होने की शुभकामनाएँ दी।

भोपाल के आर्क बिशप श्री लियो कार्नेलियो ने स्वागत उदबोधन दिया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा मानव सेवा धर्म के बखूबी पालन करने की सराहना की। गरीब कल्याण की विभिन्न योजनाओं का सफलता संचालन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि वे नर्मदा नदी संरक्षण के लिए शुरू की गई यात्रा में शामिल हुए थे। यात्रा के स्वरूप और सरोकारों से वे अत्यधिक प्रभावित हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भोपाल आर्कडियोसिस की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री का शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। सेंट जोसफ कान्वेंट की छात्राओं ने प्रार्थना नृत्य की प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर आर्क बिशप रांची श्री टी.पी. टोप्पो, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, सांसद श्री आलोक संजर, राज्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉ. हितेष वाजपेयी, विभिन्न धर्म गुरू, कैथोलिक धर्माध्यक्ष, पुरोहित एवं धर्म संघी उपस्थित थे।