10 करोड़ तक की छूट मिलेगी इस बिज़नस में

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अगर आप ऐसा बिजनैस शुरू करना चाहते हैं जिसमें कोई रिस्क न हो और सरकार का भी स्पोर्ट मिले, तो आप कोल्ड स्टोरेज का बिजनैस शुरू कर सकते हैं। इसमें सरकार 50 फीसदी तक की सबसिडी देती है, जो अधिकतम 10 करोड़ रुपए तक होती है। इस बिजनेस में काफी संभावनाएं हैं।

सरकार की ही एक रिपोर्ट बताती है‍ कि देश भर में 6.1 करोड़ टन कोल्‍ड स्‍टोरेज की डिमांड है, जबकि अभी तक केवल 2.9 करोड़ टन की कैपेसिटी डेवलप हो पाई है। सरकार भी चाहती है कि देश में कोल्‍ड स्‍टोरेज की कैपेसिटी तेजी से बढ़े, इसलिए सरकार छोट से छोटे प्रोजेक्‍ट को प्रमोट कर रही है।

क्या है कोल्ड स्टोेरेज बिजनैस
कोल्‍ड स्‍टोरेज से आशय ऐसे प्लांट से है, जहां फूड और डेयरी प्रोडक्‍ट्स को प्रिजर्व कर सकते हैं। देश कोल्‍ड स्‍टोरेज प्‍लांट्स न होने के कारण काफी सामान खराब हो जाता है, इसलिए इस तरह के यूनिट्स की डिमांड बढ़ती जा रही है। आप किसी भी शहर में कोल्‍ड स्‍टोरेज प्लांट लगाकर बिजनैस शुरू कर सकते हैं, जहां किसान व ट्रेडर्स एक तय कीमत देकर अपने प्रोडक्‍ट्स रख सकते हैं।

कितना आएगा खर्च
अगर आप कोल्‍ड स्‍टोरेज प्लांट लगाना चाहते हैं तो नैशनल हार्टिकल्‍चर बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक आपको 6000 रुपए प्रति टन से लेकर 8000 रुपए प्रति टन तक का खर्च आएगा। आपको कम से कम 5000 मीट्रिक टन का प्लांट लगाना चाहिए, जिस पर लगभग 3 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

सरकार कितनी देती है सबसिडी
मिनिस्‍ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग के मुताबिक सामान्‍य इलाकों में फूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्‍ट लगाने पर प्‍लांट एंड मशीनरी और टैक्नीकल सिविल वर्क पर खर्च कुल रकम का 50 फीसदी सरकार द्वारा सबसिडी दी जाती है, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, जम्‍मू कश्‍मीर, सिक्किम सहित नॉर्थ ईस्‍ट रीजन के इलाके में आप ऐसा प्‍लांट लगाते हैं तो आपको सरकार 75 फीसदी ग्रांट देती है। सरकार अधिकतम 10 करोड़ रुपए तक की ग्रांट देती है। जिसका मतलब है कि आप 20 करोड़ रुपए तक का प्रोजेक्‍ट शुरू कर सकते हैं।

और क्‍या मिलता है सपोर्ट
अगर आप कोल्‍ड स्‍टोरेज प्‍लांट लगाना चाहते हैं तो सरकार आपको बैंकों से प्रोजेक्‍ट लोन दिलाने में भी सहयोग करती है। आप इसके लिए नैशनल कॉ-ओपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से संपर्क कर सकते हैं। आप कॉरपोरेशन की वैबसाइट से लोन एप्‍लीकेशन या इस लिंक (http://www.ncdc.in/downloads/CLF-Processing.pdf) से डाउनलोड कर सकते हैं। आप नैशनल हॉर्टिकल्‍चर बोर्ड से भी संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा टैक्नीकल और मार्कीटिंग की ट्रेनिंग भी देती है। आप स्‍कीम के बारे में और अधिक जानने के लिए इस लिंक (http://mofpi.nic.in/Schemes/cold-chain) पर भी क्लिक कर सकते हैं।