Driving license बनाने के लिए अब नहीं भरना होगा फाॅर्म, जानें नए नियम

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नई दिल्लीः ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब आपको लंबे तामझाम, बार-बार फॉर्म भरने की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। सड़क परिवहन मंत्रालय इसके लिए मोटर वाहन एक्ट 1989 में बदलाव करने जा रहा है। नया कानून लर्निंग डीएल, नया डीएल, डीएल नवीनीकरण आदि से लोगों को अलग-अलग फार्म भरने के झंझट से मुक्ति दिलाएगा।

आधार कार्ड होगा जरुरी
आवेदनकर्ता को डीएल बनवाने के लिए आधार कार्ड देना होगा। इससे देशभर में फर्जी डीएल बनाने के सिलसिले पर अंकुश लगेगा। विभाग के सूत्रों के अनुसार अगले चरण में ऑनलाइन फॉर्म भरने की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि इस सिस्टम के शुरू होने में कुछ महीने का वक्त लगेगा।

हर बार भरना पड़ता था फार्म
एक निश्चित अवधि के बाद स्थाई डीएल पाने के लिए आवेदनकर्ता को नया फार्म भरना पड़ता है। इसी प्रकार डीएल के नवीनीकरण, मोटरसाइकिल-स्कूटर से कार का लाइसेंस बनाना, पता बदलने, डीएल में नाम बदलने, डुप्लीकेट डीएल बनाने के लिए हर बार फार्म भरना पड़ता है। उन्होंने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम 1989 में बदलाव किया जा रहा है।

क्या है नया कानून
नए कानून में अधिनियम के रूल 10,14 (1), 17 (1) व 18 को समाप्त कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर नया फार्म -2 लागू होगा। उपरोक्त तमाम कार्यों के लिए आवेदनकर्ता को सिर्फ उक्त फार्म 2 भरना होगा। इस नए फार्म में नए कॉलम हैं। इसमें आवेदनकर्ता को अपना आधार कार्ड नंबर, ईमेल, मोबाइल नंबर लिखना होगा।

अंगदान करने का होगा विकल्प
पहली बार डीएल बनवाने वाले व्यक्ति के लिए सड़क हादसे में मृत्यु होने पर अंगदान करने की घोषणा करने का विकल्प होगा। इस कॉलम में हां अथवा नहीं का विकल्प होगा। वर्तमान में यह व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने संबंधित पक्षों से सुझाव-शिकायतों के लिए मसौदा संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके पश्चात नया कानून लागू कर दिया जाएगा।

देश में 30 फीसदी फर्जी डीएल
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सार्वजनिक सभाओं में कई बार कह चुके हैं कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में गड़बड़ी के चलते देश में 30 फीसदी लोग फर्जी डीएल का इस्तेमाल कर रहे हैं। केंद्र सरकार देशभर के आरटीओ को कंप्यूटरीकृत के जरिए ऑनलाइन जोड़ रही है। डीएल सहित वाहनों से जुड़े तमाम दस्तावेज मोबाइल एप पर उपलब्ध होंगे।