आयु वर्ग की टीमों में कड़ी प्रतिस्पर्धा बेहद जरूरी: छेत्री

0

भारतीय फुटबाॅल टीम के कप्तान सुनील छेत्री ने कहा कि बाहर बैठने वाले खिलाडिय़ों और आयु वर्ग की टीमों में एक स्थान के लिये कड़ी प्रतिस्पर्धा से मजबूत राष्ट्रीय टीम का गठन करने में मदद मिलेगी। गुरप्रीत सिंह संधू, संदेश झिंगान और उदांता सिंह जैसे नए खिलाडिय़ों के आने से राष्ट्रीय टीम का नया रूप मिला है और भारत की तरफ से सर्वाधिक 55 अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले छेत्री भी उनसे काफी प्रभावित हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा उन पर दांव लगाने के लिए तैयार रहूंगा। सचाई यह है कि अगर ये तीनों अगले दशक में भारतीय फुटबाॅल में दबदबा नहीं बना पाते हैं तो मुझे बहुत निराशा होगी। मुझे यह भी उम्मीद है कि उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा तथा अंडर-17 और अंडर-16 टीमों के खिलाड़ी उन्हें और बेहतर करने के लिये मजबूर करेंगें। ’’ छेत्री ने कहा, ‘‘इन युवा खिलाडिय़ों ने काफी संभावनाएं जतायी हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। युवा खिलाड़ी सीनियर को जितनी चुनौती पेश करेंगे उतना ही पूरी टीम के लिये अच्छा होगा। ’’

इस करिश्माई स्ट्राइकर का मानना है कि 2019 एशियाई कप से टीम और खिलाडिय़ों को अपनी स्थिति का सही अनुमान लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘शीर्ष स्तर की एशियाई फुटबाल विश्व की एलीट फुटबाल से थोड़ा ही पीछे है। एशिया की दो-तीन टीमें जैसे ईरान, दक्षिण कोरिया और जापान असल में उनकी बराबरी पर हैं। इस स्तर के टूर्नामेंट में खेलने से हमें यह पता करने में मदद मिलेगी कि हम विश्व फुटबाल की चोटी की टीमों और खिलाडिय़ों के सामने टीम और साथ ही एक खिलाड़ी के तौर पर किस स्थिति में हैं। ’’

Previous articleटीम ने पूरे टूर्नामेंट में उत्साह और खेल भावना से खेला जो सफलता की पहली सीढ़ी है- प्रधानमंत्री मोदी
Next articleभारतीय सेना से बचाव के लिए बनाएंगे बंकर-प्रधानमंत्री अब्बासी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here