समाज में मनुष्य के व्यक्तित्व विकास के लिए कतिपय अधिकारो की आवश्यकता होती है-न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे

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बड़वानी- (ईपत्रकार.कॉम) |समाज में मनुष्य के व्यक्तित्व विकास के लिए कतिपय अधिकारो की आवश्यकता होती है, इन्हे ही मानवाधिकार कहा जाता है। मानव अधिकार में नागरिको के राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, संवैधानिक व सांस्कृतिक अधिकार भी सम्मिलित होते है। जिन्हे कानून के माध्यम से स्थापित किया जा सकता है।

उक्त बाते जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में बुधवार की देर शाम को आयोजित मानव अधिकार आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी के दौरान कही।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश श्री संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि मानव अधिकारो को प्रोत्साहित करने व उनके उल्लंघन को रोकने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा देश भर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना की गई है। विधिक सेवा प्राधिकरण सुखद व सुलभ कानूनी सेवाएं देता है ताकि कोई भी नागरिक न्याय प्राप्त करने के अवसर से वंचित न रह जाये।

इस संगोष्ठी में विशेष न्यायाधीश श्री अखिलेश जोशी, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश श्री अजय कुमार सिंह, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश श्री समीर कुलश्रेष्ठ, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आरएस सीनम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश श्री संजय कुमार गुप्ता, जिला विधिक सहायता अधिकारी रेखा द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर श्री सत्येन्द्र सिंह, जेल अधीक्षक श्री एसबी शरण, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा जमरे, महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. सुमरेसिंह सोलंकी, पैरालीगल वालियंटर्स श्रीमती किरण चौहान, श्रीमती अनिता चोयल, श्रीमती सुनिता चौहान, श्रीमती बबीता पंवार उपस्थित थे।

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